खटीमा में महफिल-ए-मिलाद का आयोजन, उलेमा और आइम्मा को साफा व बिल्ला देकर किया सम्मानित

खटीमा में महफिल-ए-मिलाद का आयोजन, उलेमा और आइम्मा को साफा व बिल्ला देकर किया सम्मानित

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

उत्तराखंड के सीमांत खटीमा में 11 रबी-उल-अव्वल और ईद-ए-मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर भव्य महफिल-ए-मिलाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धार्मिक विद्वानों, इमामों और समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। महफिल के दौरान मुल्क में अमन, शांति और आपसी भाईचारे की दुआ की गई।

महफिल का आयोजन हजरत मौलाना मोहम्मद इरफाउल-हक कादरी साहब की सरपरस्ती और प्रमुख समाजसेवी जनाब आरिफ अंसारी की मेजबानी में उनके आवास पर किया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए उलेमा-ए-दीन और आइम्मा-ए-किराम का शानदार इस्तकबाल किया गया।

कार्यक्रम में खटीमा शहर की विभिन्न मस्जिदों के इमामों और आलिमों ने शिरकत की। महफिल में धार्मिक और सामाजिक विषयों पर चर्चा के साथ समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर दीन और समाज की निरंतर सेवा करने वाले उलेमाओं को सम्मानित किया गया। आयोजक आरिफ अंसारी की ओर से उलेमाओं को इमामा शरीफ यानी साफा और बिल्ला पेश कर सम्मान दिया गया। सम्मान पाकर उलेमाओं ने इस पहल की सराहना की।

दोपहर करीब दो बजे तक चले कार्यक्रम में उलेमाओं ने देश की तरक्की, कौमी एकता और आपसी सौहार्द के लिए विशेष दुआएं कीं। वक्ताओं ने कहा कि समाज में शांति और भाईचारे का वातावरण बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उलेमाओं ने आरिफ अंसारी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में सेवा करने वाले लोगों की हौसला अफजाई करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने के साथ लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम करते हैं।

कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिक मेहंदी हसन भी मौजूद रहे। इस दौरान मौलाना इरफाउल-हक कादरी की सरपरस्ती में उलेमाओं के सम्मान का यह सिलसिला हर वर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया। आयोजकों ने कहा कि आने वाले वर्षों में भी इसी भावना के साथ महफिल का आयोजन किया जाएगा।

महफिल-ए-मिलाद के दौरान धार्मिक संदेशों के साथ देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। उलेमाओं ने लोगों से समाज में आपसी सौहार्द बनाए रखने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की।

मुल्क में अमन-ओ-अमान, शांति और भाईचारे की सामूहिक दुआ के साथ महफिल-ए-मिलाद का पुरवक़ार समापन हुआ। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने आयोजन को सामाजिक और धार्मिक सद्भाव की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।