स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट


गलौर में उत्तराखंड किसान मोर्चा के बैनर तले बुधवार को बड़ी संख्या में किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने अब्दुल कलाम चौक से पैदल मार्च निकालकर मंगलौर कोतवाली पहुंचकर धरना दिया। इस दौरान किसानों ने इकबालपुर मिल मालिक के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई की मांग उठाई।


किसानों का पैदल मार्च अब्दुल कलाम चौक से शुरू हुआ। हाथों में तख्तियां और नारे लगाते हुए किसान मंगलौर कोतवाली पहुंचे। यहां पहुंचकर किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना शुरू किया और पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की।


उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने कोतवाली में तहरीर देकर इकबालपुर मिल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इकबालपुर मिल पर किसानों की करीब 120 करोड़ रुपये की धनराशि बकाया है। किसानों ने इस धनराशि के भुगतान की मांग लंबे समय से उठाई है।


गुलशन रोड ने कहा कि किसानों की शिकायत पर पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब व्यक्ति के खिलाफ शिकायत मिलने पर पहले मुकदमा दर्ज कर जांच की जाती है, जबकि प्रभावशाली और अमीर लोगों के मामलों में पहले जांच और बाद में मुकदमा दर्ज किए जाने की बात सामने आती है।


किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि किसानों की ओर से दी गई शिकायत पर भी पहले मुकदमा दर्ज किया जाए और उसके बाद निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसानों की शिकायत गलत साबित होती है तो वे कानून के अनुसार सजा भुगतने के लिए तैयार हैं।

किसानों ने आरोप लगाया कि इकबालपुर मिल से जुड़ा बकाया लंबे समय से उनकी परेशानी का कारण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल और मेहनत की रकम के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। किसानों ने प्रशासन और पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की।




धरने के दौरान किसानों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा कि उनकी मेहनत की कमाई का भुगतान समय पर होना चाहिए और मिल प्रबंधन के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान उत्तराखंड किसान मोर्चा के जिला सचिव नावेद सहित संगठन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों की भीड़ को देखते हुए मंगलौर कोतवाली परिसर और आसपास पुलिस की मौजूदगी भी रही।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने किसानों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। आरोपों की पुष्टि और आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

