दो पक्षों के विवाद में तीसरे पक्ष का नुकसान, लिब्बरहेड़ी में पथराव से मची अफरातफरी

दो पक्षों के विवाद में तीसरे पक्ष का नुकसान, लिब्बरहेड़ी में पथराव से मची अफरातफरी

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के लिब्बरहेड़ी गांव में पिछले कई दिनों से चले आ रहे दो पक्षों के विवाद ने बुधवार को नया रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच हुए पथराव की चपेट में आसपास के लोग और उनके मकान भी आ गए। घटना के बाद गांव में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि गांव में हवाई और पठान पक्ष के बीच पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों के बीच लगातार तनातनी के बावजूद अब तक पुलिस की ओर से किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

बुधवार को एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। इसके बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। अचानक हुए पथराव से आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।

इस विवाद का खामियाजा उन लोगों को भी भुगतना पड़ा, जिनका दोनों पक्षों की लड़ाई से कोई लेना-देना नहीं था। पथराव के दौरान कुछ लोग पत्थरों की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। वहीं, कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है।

पथराव में कुछ मकानों की सीमेंट की चादरें टूट गईं। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे विवाद के कारण उन्हें अपने घरों और परिवार की सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी के बाद दोनों पक्षों की ओर से हो रहे पथराव पर लगाम लगी। पुलिस ने मौके की स्थिति का जायजा लेते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

पुलिस के पहुंचने के बाद गांव में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। फिलहाल मौके पर स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद का समय रहते समाधान नहीं कराया गया तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन से विवाद में प्रभावी हस्तक्षेप कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है। दोनों पक्षों के बीच विवाद की वास्तविक वजह और पथराव में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि पुलिस मामले में उचित कार्रवाई कर भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाएगी।