गैरसैंण समेत चार क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग, शिक्षा मंत्री से मिले प्रतिनिधि

गैरसैंण समेत चार क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग, शिक्षा मंत्री से मिले प्रतिनिधि

स्थान : चमोली
ब्यूरो रिपोर्ट

नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से भेंट कर उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने पर शुभकामनाएं दी गईं। इस दौरान उत्तराखंड से जुड़े शिक्षा संबंधी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करते हुए राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

भेंट के दौरान उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग को पुनः केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि गैरसैंण में केंद्रीय विद्यालय खुलने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

इसके साथ ही रामनगर में भी केंद्रीय विद्यालय स्थापित किए जाने का अनुरोध किया गया। बताया गया कि रामनगर क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से स्थानीय विद्यार्थियों के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग भी शिक्षा मंत्री के समक्ष रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और विद्यार्थियों की शैक्षिक जरूरतों को देखते हुए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को आवश्यक बताया।

देवप्रयाग में भी केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का आग्रह किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर शैक्षणिक संस्थानों की उपलब्धता से विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इन सभी प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। इस दौरान कहा गया कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना राज्य के विद्यार्थियों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। उनके आश्वासन के बाद इन क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना की उम्मीद जगी है।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि गैरसैंण, रामनगर, यमकेश्वर और देवप्रयाग में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना होने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के बच्चों को लाभ पहुंचने की संभावना है।

प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इन प्रस्तावों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना पहाड़ के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और उत्तराखंड में शिक्षा के स्तर को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।