लोहाघाट महाविद्यालय में छात्र संगठनों के बीच विवाद, दोनों पक्षों ने दी तहरीर

लोहाघाट महाविद्यालय में छात्र संगठनों के बीच विवाद, दोनों पक्षों ने दी तहरीर

स्थान : लोहाघाट
ब्यूरो रिपोर्ट

चंपावत जिले के लोहाघाट महाविद्यालय में महाविद्यालय और छात्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर चल रहा आंदोलन अब छात्र संगठनों के बीच विवाद में बदल गया है। एनएसयूआई और एबीवीपी की ओर से अलग-अलग स्थानों पर आंदोलन किया जा रहा है। एनएसयूआई कार्यकर्ता महाविद्यालय गेट पर तंबू लगाकर धरना दे रहे हैं, जबकि एबीवीपी की ओर से परिसर के भीतर आंदोलन किया जा रहा है।

एनएसयूआई छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि मंगलवार शाम करीब 6:50 बजे वे महाविद्यालय गेट पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। इसी दौरान एबीवीपी से जुड़े करीब 30 से 40 लोग वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। एनएसयूआई नेताओं का आरोप है कि घटना के दौरान एक छात्र को बुरी तरह पीटा गया।

एनएसयूआई नेताओं के अनुसार मारपीट में छात्र की आंख के पास और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। उन्होंने बताया कि किसी तरह छात्र को वहां से बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी आंख के ऊपर पांच टांके लगाए गए। छात्र संगठन ने घटना को गंभीर बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

एनएसयूआई छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान उन्हें जान से मारने और बाद में देख लेने की धमकियां भी दी गईं। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर लोहाघाट थाने में नामजद तहरीर दी गई है। संगठन ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

एनएसयूआई ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट में शामिल कई लोग ऐसे थे, जिनका महाविद्यालय में दाखिला तक नहीं है। छात्र नेताओं ने प्रशासन से आंदोलन के दौरान सुरक्षा उपलब्ध कराने, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और बाहरी लोगों के महाविद्यालय परिसर में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है।

वहीं, इस मामले में एबीवीपी की ओर से भी एनएसयूआई नेताओं के खिलाफ लोहाघाट थाने में तहरीर दी गई है। एबीवीपी नेताओं ने एनएसयूआई के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि धरने के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की ओर से महाविद्यालय में अभद्रता की जा रही थी।

एबीवीपी नेताओं का आरोप है कि एनएसयूआई के धरने से उनका कोई लेना-देना नहीं था और विवाद की शुरुआत एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की ओर से की गई। एबीवीपी ने कहा कि उसके किसी कार्यकर्ता ने मारपीट नहीं की है। उनके अनुसार, उनका एक कार्यकर्ता फिसलने के कारण घायल हुआ है।

एबीवीपी नेताओं ने एनएसयूआई पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोनों छात्र संगठनों की ओर से पुलिस को तहरीर दिए जाने के बाद अब मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल कर रही है।

विवाद को देखते हुए महाविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बुधवार को सुरक्षा के मद्देनजर महाविद्यालय में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की मौजूदगी में परिसर में स्थिति पर नजर रखी गई। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।