स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट


चीनी के लगातार बढ़ते दाम और कमरतोड़ महंगाई के विरोध में हल्द्वानी महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से तिकोनिया चौराहे पर “महंगी चीनी, फीकी चाय” कार्यक्रम आयोजित किया गया। हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आमजन और राहगीरों को बिना चीनी की फीकी चाय पिलाकर महंगाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।


कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि “फीकी चाय” केवल प्रतीकात्मक विरोध नहीं है, बल्कि यह उस आम आदमी की आवाज है, जिसकी रोजमर्रा की जरूरतों से महंगाई लगातार जुड़ी हुई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि चीनी के बढ़ते दामों ने आम परिवारों के बजट पर सीधा असर डाला है और अब चाय से लेकर त्योहारों की मिठास तक महंगाई की मार पड़ रही है।


हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि महंगाई ने आम आदमी की चाय की मिठास तक छीन ली है। चीनी के साथ खाद्य तेल और रोजमर्रा की जरूरतों की अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का घरेलू बजट बिगड़ गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल महंगाई के आंकड़े नहीं देखने चाहिए, बल्कि आम परिवार की वास्तविक परेशानियों को समझना चाहिए।


विधायक ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व सामने है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधेंगी और मिठाई खिलाकर त्योहार की खुशियां मनाएंगी, लेकिन चीनी और खाद्य तेल महंगे होने से मिठाइयों की कीमतों पर भी असर पड़ेगा। ऐसे में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने त्योहार की खुशियां मनाने के साथ खर्च का संतुलन बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।


उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के बाद जन्माष्टमी का पर्व भी आने वाला है। इस अवसर पर घर-घर प्रसाद और मिठाइयां तैयार की जाती हैं। लगातार बढ़ती महंगाई के कारण अब त्योहारों की खुशियां भी कई परिवारों के लिए आर्थिक चिंता का कारण बनती जा रही हैं। सरकार को आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि भाजपा सरकार के शासन में महंगाई लगातार आम आदमी की कमर तोड़ रही है। चीनी और खाद्य तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर जनता की जेब पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री के दाम बढ़ने से आम परिवारों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।




गोविंद सिंह बिष्ट ने सरकार से सवाल किया कि जब देश में पर्याप्त चीनी स्टॉक होने का दावा किया जाता है तो कीमतें लगातार क्यों बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि जमाखोरी और कालाबाजारी कीमतों में बढ़ोतरी का कारण है तो सरकार को ऐसे लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। आम जनता को राहत देना सरकार की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे त्योहार देश की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। रक्षाबंधन पर बहनें भाइयों को मिठाई खिलाती हैं और जन्माष्टमी पर घर-घर भगवान श्रीकृष्ण को प्रसाद अर्पित किया जाता है। आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के कारण इन त्योहारों का खर्च भी आम परिवारों के लिए बढ़ता जा रहा है।


कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “महंगी चीनी, फीकी चाय”, “महंगाई पर लगाम लगाओ” और “आम जनता को राहत दो” जैसे नारे लगाए। नेताओं ने कहा कि फीकी चाय महंगाई के खिलाफ विरोध का प्रतीक है। जब चाय की मिठास और त्योहारों की खुशियां भी महंगाई से प्रभावित होने लगें, तब सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए।
कार्यक्रम में विधायक सुमित हृदयेश, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट, ललित जोशी, मलय बिष्ट, जया कर्नाटक, मधु सांगूड़ी, नीमा भट्ट, राधा आर्य, विमला सांगूड़ी, भागीरथी बिष्ट, कमला सनवाल, दीपा खत्री, हेम पांडे, किरन माहरा, हेमंत बगड़वाल, गिरीश पांडे, महेश कांडपाल, राजेंद्र बिष्ट, दीप पाठक, बहादुर बिष्ट, राकेश बृजवासी, विनोद कुमार, हिमांशु जोशी, महेशानंद, जीवन कार्की, अवध बिहारी शर्मा, गोविंद बगड़वाल, जगमोहन चिलवाल, राजू रावत, शंकर कोहली, प्रदीप नेगी, खीमानंद पांडे, संदीप भैसोड़ा, संजू उप्रेती, हेम जोशी, राजू सुयाल, मनोज टम्टा, कैलाश साह, संदीप पांडे, मनोज शर्मा, जीत सिंह, मनोहर सांगुड़ी, बंटू रहमान, प्रदीप बिष्ट, एडवोकेट कोमल जायसवाल, बबलू बिष्ट और उदित करायत समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

