लोहाघाट महाविद्यालय में नौ दिन बाद छात्र आंदोलन स्थगित, मांगों के समाधान का मिला आश्वासन

लोहाघाट महाविद्यालय में नौ दिन बाद छात्र आंदोलन स्थगित, मांगों के समाधान का मिला आश्वासन

स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट

चंपावत जिले के सबसे बड़े लोहाघाट महाविद्यालय में छात्र समस्याओं को लेकर एबीवीपी और एनएसयूआई की ओर से पिछले आठ दिनों से चल रहा आंदोलन नौवें दिन समाप्त हो गया। दोनों छात्र संगठनों की ओर से महाविद्यालय और छात्रों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर अलग-अलग स्थानों पर धरना दिया जा रहा था। मंगलवार को आंदोलन के दौरान छात्र नेताओं ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी थी।

एक दिन पहले विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों की मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं होने से नाराज एबीवीपी और छात्र संघ के नेता महाविद्यालय की छत पर चढ़ गए थे। इससे महाविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया था। बाद में भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत के आश्वासन के बाद छात्र नेता छत से नीचे उतरे और आंदोलन जारी रखा।

बुधवार को दोनों छात्र संगठनों का धरना नौवें दिन भी पूरे दिन जारी रहा। महाविद्यालय प्रशासन की ओर से आंदोलनरत छात्र नेताओं को समझाने और आंदोलन समाप्त करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए महाविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई।

शाम को जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम लोहाघाट नीतू डांगर धरना स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने आंदोलनरत छात्र नेताओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं और मांगों की जानकारी ली। काफी समझाने के बाद उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे एबीवीपी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋतिक ढेक और कोषाध्यक्ष राहुल बिष्ट को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।

आंदोलन समाप्त होने के बाद महाविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पूरे दिन महाविद्यालय में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

एबीवीपी छात्र नेताओं ने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा और भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत की ओर से उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने बताया कि 27 अगस्त को समस्याओं के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का भी आश्वासन मिला है। इसी भरोसे के बाद संगठन ने फिलहाल अपना आंदोलन समाप्त किया है।

एबीवीपी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि आश्वासन के बावजूद उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन दोबारा आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है और मांगें पूरी होने तक वे अपने स्तर से संघर्ष जारी रखेंगे।

वहीं एनएसयूआई छात्र नेताओं ने बताया कि उनके एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की थी। जिलाधिकारी ने उनकी समस्याओं को प्रमुखता से शासन के समक्ष रखने का आश्वासन दिया है। इसी आश्वासन के आधार पर एनएसयूआई ने भी आंदोलन फिलहाल स्थगित किया है। छात्र नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर दोबारा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. दीपा सिंह ने कहा कि छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया है। महाविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों की मांगों से विश्वविद्यालय और शासन को अवगत कराया गया है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

हालांकि आंदोलन समाप्त होने के बाद एनएसयूआई छात्र नेताओं ने एसडीएम के रवैये पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि एसडीएम लोहाघाट ने एबीवीपी के भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया, लेकिन वह एनएसयूआई के छात्र नेताओं से मिलने तक नहीं पहुंचीं। एनएसयूआई ने इस पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से समान व्यवहार की मांग की। फिलहाल नौ दिन से चले आ रहे आंदोलन के स्थगित होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है।