स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट


लोहाघाट में पहली बार महिला फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पूर्व भाजपा विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के सौजन्य और युवा हर्षित फर्त्याल के नेतृत्व में जीआईसी खेल मैदान में आयोजित प्रतियोगिता में पिथौरागढ़ सहित छह टीमों ने प्रतिभाग किया। महिला खिलाड़ियों को मंच देने की इस पहल को खेल प्रेमियों ने सराहा।


रविवार को प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला लोहाघाट और पिथौरागढ़ की टीमों के बीच खेला गया। ऐतिहासिक जीआईसी खेल मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहा। बड़ी संख्या में पहुंचे खेल प्रेमियों ने महिला फुटबॉल मुकाबले का जमकर आनंद लिया और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।



फाइनल मुकाबले का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुषमा फर्त्याल, विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड फुटबॉल फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद सिंह मेहता और भाजपा मंडल अध्यक्ष गिरीश कुवर ने किया। अतिथियों ने महिला फुटबॉल प्रतियोगिता को बालिका खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया और आयोजक हर्षित फर्त्याल सहित सहयोगियों की सराहना की।

अतिथियों ने कहा कि बालिकाओं को बेहतर फुटबॉल खेलते देखना उत्साहजनक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के आयोजनों से अन्य बालिकाओं को भी खेलों के क्षेत्र में आगे आने की प्रेरणा मिलेगी। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने शानदार खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।


फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। पहले हाफ में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने गोल करने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। दूसरे हाफ में पिथौरागढ़ की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और लोहाघाट के खिलाफ एक के बाद एक तीन गोल दाग दिए। पिथौरागढ़ ने मुकाबला 3-0 से जीतकर ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया।

दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में शानदार खेल का प्रदर्शन किया। मैच समाप्त होने के बाद पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, ब्लॉक प्रमुख लोहाघाट महेंद्र ढेक, राज्य आंदोलनकारी एडवोकेट नवीन मुरारी और शिक्षक रमेश देव ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान किए। विजेता पिथौरागढ़ टीम को 11 हजार रुपये और उपविजेता लोहाघाट टीम को 5100 रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी गई।




पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने कहा कि बालिकाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह छोटा प्रयास किया गया था, जिसे अच्छा समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष प्रतियोगिता को और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके भत्ते और पेंशन में होने वाली बढ़ोतरी की राशि से मिनी ओलंपिक के तहत खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाता है।
फर्त्याल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से लोहाघाट में प्रदेश के पहले महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। इससे आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी तैयार होने की उम्मीद है। उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। इस दौरान प्रतियोगिता देखने पहुंचे 102 वर्षीय शिक्षक मोती सिंह मेहता और पूर्व फुटबॉल खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।

प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। मैच का आंखों देखा हाल डॉ. महेश ढेक, जीवन सिंह मेहता और गिरीश कुवर ने सुनाया। रेफरी की भूमिका यस करायत ने निभाई, जबकि नैतिक करायत और प्रियांशु बिष्ट लाइंसमैन रहे। फुटबॉल फेडरेशन के जिला अध्यक्ष बृजेश महरा, भुप्पी महरा समेत कई लोगों ने प्रतियोगिता के आयोजन में सहयोग किया। आयोजक हर्षित फर्त्याल ने क्षेत्रीय जनता, खिलाड़ियों और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

