स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट


रक्षाबंधन का पर्व इस बार लक्सर में भाई-बहन के प्रेम और विश्वास के साथ-साथ एक भव्य आयोजन के रूप में सामने आया। हजारों महिलाओं की मौजूदगी ने समारोह को खास बना दिया। वहीं कार्यक्रम में भाजपा के कई प्रमुख चेहरों की मौजूदगी के चलते आयोजन को लेकर सियासी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।


रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित समारोह में राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने बड़ी संख्या में महिलाओं से रक्षा सूत्र बंधवाया। महिलाओं ने उन्हें राखी बांधकर आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में हजारों मातृशक्तियों की मौजूदगी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही।


समारोह के मंच पर भाजपा की कोर कमेटी सदस्य सुधा यादव, शायर एवं लेखिका अनामिका अंबर और फिल्म निर्माता आरुषि निशंक समेत कई प्रमुख हस्तियां नजर आईं। प्रदेश के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।


कार्यक्रम में गीत-संगीत की प्रस्तुतियों ने माहौल को और खास बना दिया। शायर एवं लेखिका अनामिका अंबर ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान पूरा समारोह तालियों और उत्साह से गूंजता रहा और बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने कार्यक्रम का आनंद लिया।

हालांकि इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी तस्वीर हजारों महिलाओं की मौजूदगी और मंच पर दिखाई दिया राजनीतिक जमावड़ा रहा। रक्षाबंधन के पारंपरिक पर्व पर इतने बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होने से इसकी चर्चा लक्सर के राजनीतिक गलियारों में भी होने लगी है।


कार्यक्रम में भाजपा के बड़े नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को लेकर तरह-तरह के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। यही वजह है कि रक्षाबंधन के इस आयोजन को अब केवल सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जा रहा है।



राजनीतिक चर्चाओं के बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्या मातृशक्ति के सम्मान के इस मंच के जरिए लक्सर की राजनीति में कोई बड़ा संदेश देने की कोशिश की गई है। हालांकि कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से इसे मुख्य रूप से रक्षाबंधन और महिलाओं के सम्मान से जुड़ा आयोजन बताया गया।

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में लक्सर से अपनी राजनीतिक पारी आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि चुनाव लड़ने को लेकर ओमप्रकाश जमदग्नि की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

फिलहाल हजारों महिलाओं का आशीर्वाद, भाजपा के प्रमुख चेहरों की मौजूदगी और विशाल आयोजन ने लक्सर की सियासत में चर्चाओं को जरूर गर्म कर दिया है। अब देखना होगा कि यह आयोजन आने वाले समय में केवल सामाजिक संदेश तक सीमित रहता है या 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले लक्सर की राजनीति में किसी बड़े राजनीतिक समीकरण की भूमिका तैयार करता है।

