पार्किंग को लेकर पालिका और विकास संघर्ष समिति आमने-सामने, 17 सितंबर को फिर होगी बैठक

पार्किंग को लेकर पालिका और विकास संघर्ष समिति आमने-सामने, 17 सितंबर को फिर होगी बैठक

स्थान :लोहाघाट
ब्यूरो रिपोर्ट

मीना बाजार चौराहे पर नगर पालिका की ओर से बनाई गई पार्किंग को आम जनता के लिए खोलने की मांग को लेकर लोहाघाट विकास संघर्ष समिति और पालिका प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनी पार्किंग के संचालन को लेकर समिति ने सवाल उठाते हुए इसे सभी नगरवासियों के लिए उपलब्ध कराने की मांग की है।

मामले को लेकर नगर पालिका सभागार में पालिका प्रशासन और लोहाघाट विकास संघर्ष समिति के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के अध्यक्ष विपिन गोरखा सहित सदस्यों ने पार्किंग की वर्तमान व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पार्किंग का लाभ सीमित लोगों को मिल रहा है, जबकि इसका उद्देश्य आम जनता को सुविधा उपलब्ध कराना है।

लोहाघाट विकास संघर्ष समिति ने पालिका से पार्किंग को रनिंग पार्किंग के रूप में संचालित करने की मांग की। समिति का कहना है कि यदि पार्किंग आम जनता के लिए खोली जाती है तो बाजार क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही बाजार में आने वाले ग्राहकों को भी राहत मिलेगी।

बैठक में पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा और अधिशासी अधिकारी सौरभ नेगी ने कहा कि पालिका इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि पार्किंग की व्यवस्था को लेकर पालिका और संघर्ष समिति के बीच 17 सितंबर को एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक के बाद पार्किंग संचालन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने कहा कि नगरवासियों को पार्किंग की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही एक और पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि किसी भी तरह की समस्या होने पर इसकी जानकारी पालिका प्रशासन को दें, ताकि उसका समाधान किया जा सके।

वहीं, अधिशासी अधिकारी सौरभ नेगी ने पार्किंग के संचालन को लेकर पालिका का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि पार्किंग संचालन के लिए पूर्व में चार बार टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन कोई भी ठेकेदार पार्किंग संचालन के लिए सामने नहीं आया। इसके बाद पर्ची सिस्टम के माध्यम से 20 लोगों को पार्किंग आवंटित की गई है।

अधिशासी अधिकारी ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था से नगर पालिका को प्रतिमाह करीब 16 हजार रुपये की आय हो रही है। हालांकि संघर्ष समिति का कहना है कि इतनी बड़ी लागत से तैयार की गई पार्किंग का लाभ व्यापक रूप से जनता को मिलना चाहिए और इसे सीमित लोगों तक नहीं रखा जाना चाहिए।

बैठक के बाद लोहाघाट विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष विपिन गोरखा और सदस्यों ने कहा कि पालिका ने 17 सितंबर तक का समय दिया है। यदि इस अवधि तक पार्किंग को आम जनता के लिए नहीं खोला गया तो समिति आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। समिति ने स्पष्ट किया कि जनता की सुविधा के लिए वह अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।

फिलहाल बैठक में पार्किंग को लेकर कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। 17 सितंबर को होने वाली अगली बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। बैठक में नगर पालिका के समस्त वार्ड सभासदों के साथ लोहाघाट विकास संघर्ष समिति के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। पार्किंग को लेकर जारी विवाद अब अगले निर्णय तक टल गया है।