‘वार्तालाप’ कार्यशाला में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर मंथन

‘वार्तालाप’ कार्यशाला में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर मंथन

स्थान : गोपेश्वर
रिपोटर : विनोद पाण्डेय

पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), देहरादून, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तत्वावधान में गुरुवार को जिला पंचायत सभागार, गोपेश्वर में क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकासपरक पहलों और जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों को दी गई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मीडिया की भूमिका पर संवाद स्थापित करना रहा। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट मुख्य अतिथि तथा नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, ई-20 पहल और हरित ईंधन से संबंधित जानकारी साझा की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के उद्देश्यों और लाभों पर भी चर्चा हुई।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला सशक्तीकरण, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, नशा मुक्त भारत अभियान, जीआई टैगिंग तथा ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) जैसे विषय भी कार्यशाला के प्रमुख केंद्र रहे। वक्ताओं ने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए सही और प्रमाणिक जानकारी का प्रसार जरूरी है।

पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि सरकार की योजनाओं और जनहित से जुड़े अभियानों को कागजों तक सीमित न रखकर आमजन तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

एसपी ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें सकारात्मक दिशा देने में परिवार, समाज, शैक्षणिक संस्थानों के साथ मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। मीडिया अपनी पहुंच और प्रभाव के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों, युवाओं के लिए उपलब्ध सकारात्मक अवसरों तथा नशामुक्ति से जुड़ी सहायता और जागरूकता की जानकारी लोगों तक पहुंचा सकता है।

उन्होंने कहा कि सही समय पर दी गई सही जानकारी किसी युवा को गलत रास्ते पर जाने से रोक सकती है और परिवार को नशे की पीड़ा से बचा सकती है। उन्होंने मीडिया से नशामुक्त समाज के निर्माण में पुलिस और प्रशासन के साथ सहयोगी भूमिका निभाने की अपील की।

वक्ताओं ने कहा कि किसी भी सरकारी योजना का वास्तविक लाभ तभी व्यापक स्तर पर पहुंच सकता है, जब पात्र लाभार्थियों को उसकी सरल, सही और प्रमाणिक जानकारी समय पर उपलब्ध हो। ऐसे में मीडिया प्रशासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभा सकता है और योजनाओं के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ा सकता है।

कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, पीआईबी देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुन्द्रियाल, प्रेस क्लब चमोली के संरक्षक क्रांति भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विषय विशेषज्ञ और जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए पत्रकार मौजूद रहे। कार्यशाला में मीडिया और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के साथ जनहितकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।