स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी और NAPSWI नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में 7वें राष्ट्रीय समाज कार्य सप्ताह के अवसर पर 15 से 18 अगस्त 2026 तक विभिन्न शैक्षणिक, जागरूकता एवं जनसंचार कार्यक्रम आयोजित किए गए। सप्ताहभर चले कार्यक्रमों में समाज कार्य, परिवार, मानसिक स्वास्थ्य, मनोसामाजिक देखभाल और सामाजिक कलंक को दूर करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की।


स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 7वें राष्ट्रीय समाज कार्य सप्ताह का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा किया गया। ध्वजारोहण के बाद विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए। कार्यक्रम के समापन पर कुलपति सहित विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों और समाज कार्य के विद्यार्थियों ने सहभागिता की।



कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक सहयोग और समाज कार्य की भूमिका के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना रहा। इसी क्रम में 16 से 18 अगस्त तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, रेडियो वार्ताएं, वीडियो व्याख्यान और विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए। इनमें परिवार की भूमिका, मानसिक स्वास्थ्य, समाज कार्य और परिवार परामर्श जैसे विषयों पर विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने विचार साझा किए।

16 और 17 अगस्त को सामुदायिक रेडियो कार्यक्रम ‘हैलो हल्द्वानी’ में श्रीमती कुशा सिंह और डॉ. पूजा हैडिया ने ‘पारिवारिक मुद्दे एवं संकटों में हस्तक्षेप’, ‘मनोसामाजिक देखभाल’ और ‘अन्य विषयों के साथ समाज कार्य की भ्रांतियां’ विषय पर वार्ता की। उन्होंने पारिवारिक समस्याओं की पहचान और संकट की परिस्थितियों में प्रभावी हस्तक्षेप के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।


रेडियो वार्ता के दौरान मानसिक स्वास्थ्य के सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक पक्षों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने समाज कार्य की विशिष्ट प्रकृति और अन्य विषयों के साथ उसके संबंध को स्पष्ट करते हुए समाज कार्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया।

17 से 18 अगस्त तक आदर्श सेवा संस्थान, रुद्रपुर की ओर से ‘कलंक-मुक्ति में परिवार की भूमिका’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के देहरादून परिसर में श्री बिमल रतूड़ी और डॉ. भावना डोभाल ने ‘मानसिक स्वास्थ्य का महत्व’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम किया। इसके अलावा एमएसडब्ल्यू छात्रा संध्या ने राजकीय इंटर कॉलेज, टनकपुर में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।



विश्वविद्यालय के UOU Live YouTube चैनल के माध्यम से भी विभिन्न वीडियो व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। श्रीमती कुशा सिंह और डॉ. पूजा हैडिया ने ‘पारिवारिक परामर्श में समाज कार्यकर्ताओं की भूमिका’ और ‘मस्तिष्क को मजबूत बनाना’ जैसे विषयों पर वीडियो व्याख्यान दिए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और आमजन को मानसिक स्वास्थ्य एवं पारिवारिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया।
आयोजकों के अनुसार समाज कार्य सप्ताह के आगामी दिनों में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नीरजा सिंह और समाज विज्ञान विद्याशाखा की निदेशक प्रो. रेनू प्रकाश सहित विश्वविद्यालय की टीम कार्यक्रमों को सफल बनाने में सक्रिय रूप से जुटी हुई है। आयोजकों ने बताया कि सप्ताहभर चलने वाले इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज कार्य और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जागरूकता पैदा करना है।


