स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट


चंपावत जिले के सबसे बड़े लोहाघाट महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर एबीवीपी और एनएसयूआई छात्र संगठनों का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। दोनों संगठनों के छात्र रात में भी महाविद्यालय परिसर में धरने पर डटे हुए हैं। छात्रों का कहना है कि मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।


एनएसयूआई की ओर से कॉलेज अध्यक्ष आयुष गोस्वामी के नेतृत्व में धरना दिया जा रहा है। वहीं एबीवीपी की ओर से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋतिक ढेक के नेतृत्व में छात्र आंदोलन कर रहे हैं। दोनों संगठनों ने महाविद्यालय की मूलभूत सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई है।


एनएसयूआई कॉलेज अध्यक्ष आयुष गोस्वामी ने कहा कि महाविद्यालय की लैब में आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इसके साथ ही कॉलेज में लाइब्रेरियन की तैनाती, छात्र-छात्राओं के लिए बस सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द उपलब्ध कराने की मांग की गई है।


आयुष गोस्वामी ने कहा कि जिले के सबसे बड़े महाविद्यालय होने के बावजूद यहां इतिहास समेत कई विषयों में एमए की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने महाविद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर करने और बजट बढ़ाने की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि छात्र-छात्राओं की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो एनएसयूआई का आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

वहीं एबीवीपी छात्र नेताओं ने कहा कि संगठन ने पिछले वर्ष भी महाविद्यालय की समस्याओं को लेकर दिन-रात आंदोलन किया था। उनके मुताबिक उस आंदोलन के बाद कई समस्याओं का समाधान हुआ, लेकिन अभी भी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं। उन्होंने कहा कि एबीवीपी छात्र-छात्राओं की समस्याओं को लेकर गंभीर है।

एबीवीपी नेताओं ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन से कई बार छात्र-छात्राओं की मार्कशीट में सुधार, महाविद्यालय की लैब में बेहतर उपकरण उपलब्ध कराने और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने पर संगठन ने दोबारा अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया है।



छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। फिलहाल दोनों छात्र संगठन महाविद्यालय परिसर में दिन-रात धरना दे रहे हैं।
छात्र संगठनों ने प्रशासन पर उनकी सुध नहीं लेने का आरोप लगाया है। छात्र नेताओं का कहना है कि धरने को तीन दिन हो चुके हैं और कई छात्र स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इसके बावजूद अभी तक प्रशासन का कोई अधिकारी उनकी समस्याएं सुनने धरना स्थल पर नहीं पहुंचा है।

हालांकि महाविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्र नेताओं की समस्याओं का संज्ञान लिया जा रहा है। दोनों छात्र संगठनों के अनिश्चितकालीन धरने के चलते महाविद्यालय परिसर में माहौल गर्म बना हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन और विश्वविद्यालय स्तर से छात्रों की मांगों के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

