स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर विधानसभा के सामने सामूहिक मुंडन, आंदोलन तेज करने का ऐलान

स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर विधानसभा के सामने सामूहिक मुंडन, आंदोलन तेज करने का ऐलान

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर आंदोलन कर रही स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर दिया है। गैरसैंण में 100 दिनों से अधिक समय तक क्रमिक अनशन के बावजूद सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लिए जाने के बाद समिति के सदस्यों ने देहरादून में विधानसभा भवन के ठीक सामने सामूहिक मुंडन करवाया।

समिति का कहना है कि लंबे समय से गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी के विरोध में समिति ने सामूहिक मुंडन का फैसला लिया।

विधानसभा भवन के सामने हुए सामूहिक मुंडन कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस विनोद कुमार रतूड़ी समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को दोहराया।

समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बने 25 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन प्रदेश को अब तक स्थायी राजधानी नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि स्थायी राजधानी का मुद्दा राज्य गठन की मूल भावनाओं से जुड़ा हुआ है और आज भी गैरसैंण स्थायी राजधानी का सपना बना हुआ है।

विनोद कुमार रतूड़ी ने सामूहिक मुंडन को लेकर कहा कि हिंदू संस्कारों में मुंडन आम तौर पर बच्चे के जन्म के बाद या किसी बड़े व्यक्ति के निधन के अवसर पर किया जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार की नजर में स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग मर चुकी है, इसलिए समिति ने सांकेतिक रूप से सामूहिक मुंडन करवाया है।

समिति ने आरोप लगाया कि गैरसैंण में 100 दिनों से अधिक समय तक चलाए गए क्रमिक अनशन के बावजूद सरकार ने आंदोलनकारियों की मांग पर गंभीरता नहीं दिखाई। इसके चलते अब समिति ने आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है।

समिति के अध्यक्ष ने घोषणा की कि 15 अगस्त को देहरादून विधानसभा भवन के सामने से पदयात्रा निकाली जाएगी। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को जनता और सरकार तक मजबूती से पहुंचाना होगा।

बताया गया कि पदयात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए गैरसैंण पहुंचेगी। गैरसैंण पहुंचने के बाद समिति की ओर से दोबारा क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। समिति का कहना है कि यह अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती।

सामूहिक मुंडन और आगामी पदयात्रा के ऐलान के साथ स्थायी राजधानी गैरसैंण का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की राजनीति और जन आंदोलनों के केंद्र में आ गया है। अब देखना होगा कि सरकार समिति के आंदोलन पर क्या रुख अपनाती है और स्थायी राजधानी को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।