खटीमा में वक्फ संपत्ति को लेकर घमासान, करोड़ों नहीं बल्कि लाखों की आय के हिसाब पर उठे सवाल

खटीमा में वक्फ संपत्ति को लेकर घमासान, करोड़ों नहीं बल्कि लाखों की आय के हिसाब पर उठे सवाल

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा में वक्फ संख्या 137 और 138 यानी जामा मस्जिद एवं मदरसा रहमानिया की संपत्तियों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक ओर स्थानीय निवासी ने वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एसडीएम से जांच की मांग की है, तो दूसरी ओर वर्तमान प्रशासक कामिल खान ने तत्कालीन कमेटी और कथित वक्फ माफियाओं पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है।

गौटिया निवासी जावेद रजा ने एसडीएम खटीमा को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि वक्फ संपत्तियों का कथित तौर पर भारी दुरुपयोग किया जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, चंदे और दुकानों के किराये से वक्फ को हर महीने करीब 1.50 लाख रुपये की आय होती है। उनके मुताबिक तीन वर्षों में यह रकम करीब 54 लाख रुपये बैठती है, लेकिन इस आय का पारदर्शी हिसाब सामने नहीं है।

जावेद रजा ने आरोप लगाया कि बिना किसी सार्वजनिक सूचना के वक्फ संपत्ति की करीब पांच दुकानों को अन्य लोगों को हस्तांतरित कर दिया गया। उन्होंने इसे वक्फ नियमों के विपरीत बताते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ता ने पिछले तीन वर्षों के आय-व्यय का विशेष ऑडिट कराने की मांग की है। इसके साथ ही दुकानों के कथित हस्तांतरण की जांच और प्रशासक कामिल खान सहित पूर्व प्रबंधन समिति के कार्यकाल की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी एसडीएम से की गई है।

वहीं, आरोपों के घेरे में आए जामा मस्जिद के प्रशासक कामिल खान ने भी एसडीएम को पत्र देकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को साजिश का हिस्सा बताया और गंभीर सुरक्षा संबंधी आशंका जताई है।

कामिल खान के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की ओर से तत्कालीन प्रबंधक कमेटी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई थी। उनका आरोप है कि इस कार्रवाई से नाराज तत्कालीन कमेटी से जुड़े लोग और कथित वक्फ माफिया अब उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।

प्रशासक ने आरोप लगाया कि विरोधी तत्व उनकी सामाजिक छवि को धूमिल करने और उन पर जानलेवा हमला कराने की फिराक में हैं। उन्होंने एसडीएम से मामले को गंभीरता से लेते हुए कथित भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

मामले में प्रशासनिक पक्ष रखते हुए एसडीएम खटीमा तुषार सैनी ने कहा कि संबंधित आदेश का अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को अपना-अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एक ही वक्फ संपत्ति को लेकर सामने आए इन परस्पर विरोधी आरोपों ने खटीमा में हलचल बढ़ा दी है। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वक्फ संपत्तियों की आय, दुकानों के हस्तांतरण और प्रबंधन को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।