स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्टर

श्रावण मास का कांवड़ मेला अपने चरम पर है और लाखों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। इसी बीच रुड़की की कांवड़ पटरी पर टैंक चौक के पास नन्हे-मुन्ने बच्चों की देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र बन गई। बच्चों के प्रदर्शन ने शिवभक्तों, पुलिसकर्मियों और राहगीरों का दिल जीत लिया।


कांवड़ मेले के छठे दिन आर्मी से सेवानिवृत्त अधिकारी प्रेम प्रकाश कोटनाला की निःशुल्क एकेडमी के तीन से नौ वर्ष तक के बच्चों ने सेना की वर्दी पहनकर मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। बच्चों ने देशभक्ति और धार्मिक गीतों पर शानदार प्रस्तुतियां देकर पूरे माहौल को उत्साह और जोश से भर दिया।



कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सेना की परेड, सलामी और अनुशासन का भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी सधी हुई प्रस्तुति और आत्मविश्वास को देखकर कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। कई लोग कार्यक्रम देखने के लिए कुछ देर रुक गए और बच्चों की सराहना की।


टैंक चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम ने कांवड़ यात्रा के आध्यात्मिक माहौल में देशभक्ति की भावना भी जोड़ दी। श्रद्धालुओं ने बच्चों की प्रस्तुति को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन यात्रा की थकान को कम करने के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

सेवानिवृत्त सेना अधिकारी प्रेम प्रकाश कोटनाला ने बताया कि उन्होंने भारतीय सेना में 30 वर्षों से अधिक समय तक देश की सेवा की है। सेवानिवृत्ति के बाद वे अपनी निःशुल्क एकेडमी के माध्यम से बच्चों को अनुशासन, संस्कार, देशभक्ति और सेना जैसी प्रशिक्षण गतिविधियों का अभ्यास करा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कांवड़ मेले में इस तरह की प्रस्तुतियों का उद्देश्य शिवभक्तों में उत्साह और ऊर्जा का संचार करना है। लंबी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कुछ पल का आनंद और प्रेरणा मिले, इसी सोच के साथ हर वर्ष बच्चों के माध्यम से यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।



कांवड़ यात्रा के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। टैंक चौक पर बच्चों की देशभक्ति से भरपूर प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और संस्कार की शिक्षा बचपन से ही दी जाए तो आने वाली पीढ़ी मजबूत और जिम्मेदार नागरिक बन सकती है।

