स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्टर

श्रावण मास में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है और हाईवे से गुजर रही रंग-बिरंगी व भव्य कांवड़ें श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। शाम ढलते ही हजारों लोग इन आकर्षक कांवड़ों के दर्शन के लिए हाईवे किनारे पहुंच रहे हैं। रोशनी, संगीत और शिवभक्ति से सराबोर यह दृश्य हर किसी को मंत्रमुग्ध कर रहा है।


रुड़की के कोर कॉलेज के समीप इन दिनों हर शाम आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग हाईवे पर पहुंच रहे हैं, जहां से गुजर रही भव्य और कलात्मक कांवड़ें लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। श्रद्धालुओं और दर्शकों की भीड़ देर रात तक यहां बनी रहती है।



पूरे कांवड़ मार्ग पर “बोल बम”, “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से वातावरण पूरी तरह शिवमय हो उठा है। रंग-बिरंगी रोशनी से सजी कांवड़ें, आकर्षक झांकियां और कलात्मक सजावट लोगों को देर तक रुककर इनका दीदार करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।


शिवभक्तों के कदमों की ताल, पैरों में बंधे घुंघरुओं की मधुर झंकार और भक्ति गीतों की गूंज पूरे क्षेत्र को भक्तिरस में डुबो रही है। श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति के साथ गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि मार्ग में मौजूद लोग उनका उत्साहवर्धन कर रहे हैं।

विशाल डीजे से सुसज्जित कांवड़ों के साथ भगवान शिव, माता पार्वती, नंदी और अन्य देवी-देवताओं की वेशभूषा धारण किए शिवभक्त नृत्य करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उनकी भक्ति, ऊर्जा और उत्साह को देखकर राहगीर भी कुछ पल ठहरकर इस अद्भुत दृश्य का आनंद ले रहे हैं और मोबाइल कैमरों में इन यादगार पलों को कैद कर रहे हैं।


कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन और पुलिस भी सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। कांवड़ मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।



श्रावण मास का यह महापर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोक परंपरा और सामाजिक एकता का भी जीवंत उदाहरण बन गया है। हाईवे पर उमड़ रही श्रद्धालुओं और दर्शकों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि कांवड़ यात्रा हर वर्ष लोगों के दिलों में नई ऊर्जा, श्रद्धा और उत्साह का संचार करती है।

