

स्थान : चम्पावत
ब्यूरो रिपोर्टर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सुशासन, जनसुनवाई एवं त्वरित समस्या निस्तारण के निर्देशों के क्रम में सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना गया तथा अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।


जनता मिलन कार्यक्रम में कुल 134 आवेदन एवं शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें आर्थिक सहायता, आवास, रोजगार, किसान सम्मान निधि, सड़क, पेयजल, सुरक्षा दीवार निर्माण, राशन कार्ड, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा पूर्ति विभाग से संबंधित शिकायतें प्रमुख रहीं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा लंबित प्रकरणों में निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रभावी कार्रवाई की जाए।



कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार ने टीबी मुक्त भारत अभियान में सहभागिता का संदेश देते हुए स्वयं स्वैच्छिक आर्थिक सहयोग प्रदान किया। उनके आह्वान पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी निक्षय पोषण किट उपलब्ध कराने के लिए करीब 23 हजार रुपये का स्वैच्छिक आर्थिक सहयोग दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है और इसमें सभी की सहभागिता आवश्यक है।


जनता मिलन के दौरान पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान भारत कार्ड भी मौके पर ही बनाए गए, जिससे उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी पात्र नागरिक को योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

कार्यक्रम में ग्राम खेती काकड़ी, चम्पावत निवासी प्रेम सिंह ने अपने उपचार एवं आर्थिक सहायता की मांग जिलाधिकारी के समक्ष रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल उन्हें प्रशासनिक वाहन से अस्पताल भिजवाया तथा समाज कल्याण विभाग को श्रवण यंत्र (कान की मशीन) उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उपजिलाधिकारी लोहाघाट को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ निस्तारण करें तथा शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।



