

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्टर

गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राजीव स्वरूप ने कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड में अब तक 76 लाख 85 हजार कांवड़ श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। वहीं, 5 लाख 75 हजार से अधिक श्रद्धालु भगवान नीलकंठ महादेव के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


आईजी राजीव स्वरूप ने बताया कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही जिला, राज्य और पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ कई चरणों में समन्वय बैठकें आयोजित की गई थीं। इन बैठकों में यातायात, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत रणनीति तैयार की गई, जिससे यात्रा का संचालन व्यवस्थित ढंग से किया जा सके।


उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश के विभिन्न जनपदों से समन्वय स्थापित कर लगभग 10 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियों को भी संवेदनशील स्थानों पर लगाया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।


आईजी ने बताया कि हरिद्वार मेला क्षेत्र को बेहतर प्रबंधन के लिए सुपर जोन, जोन और सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में अधिकारियों और पुलिस बल की जिम्मेदारियां तय की गई हैं, जिससे भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार क्यूआर (QR) कोड आधारित व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके माध्यम से कांवड़ यात्री अपने यात्रा मार्ग, पार्किंग स्थल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने का प्रयास किया गया है।


आईजी राजीव स्वरूप ने विभिन्न राज्यों से आने वाले कांवड़ यात्रियों से अपील की कि वे पूर्व निर्धारित पारंपरिक मार्गों का ही उपयोग करें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि हाल ही में बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उपयोग फिलहाल न करें। यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।



