

स्थान : लोहाघाट
ब्यूरो रिपोर्ट

लोहाघाट क्षेत्र में अज्ञात पशुपालकों द्वारा बड़ी संख्या में गोवंशों को निराश्रित छोड़ने का मामला एक बार फिर सामने आया है। इन गोवंशों ने अब राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) के खेल मैदान में डेरा जमा लिया है, जिससे यहां नियमित अभ्यास करने आने वाले खिलाड़ियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


सोमवार सुबह फुटबॉल और एथलेटिक्स के खिलाड़ियों ने बताया कि बड़ी संख्या में गोवंश सुबह और शाम खेल मैदान में बैठे रहते हैं। उनके कारण मैदान में गंदगी फैल रही है, जिससे अभ्यास करना मुश्किल हो गया है। खिलाड़ियों का कहना है कि खेल मैदान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में खिलाड़ी प्रशिक्षण के लिए पहुंचते हैं और खेल विभाग के प्रशिक्षण शिविर भी संचालित होते हैं।



खिलाड़ियों ने बताया कि मैदान में फैली गंदगी न केवल खेल गतिविधियों में बाधा बन रही है, बल्कि इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी खतरा बढ़ गया है। उनका कहना है कि मैदान में बैठे गोवंशों के कारण अभ्यास के दौरान चोट लगने और अन्य दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।


स्थानीय खिलाड़ियों और नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि गोवंशों को निराश्रित छोड़ने वाले पशुपालकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी निराश्रित गोवंशों को तत्काल गौ सदन भेजने की व्यवस्था की जाए, ताकि खेल मैदान को खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित बनाया जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पंचायत ने निराश्रित गोवंश छोड़ने वाले पशुपालकों को चेतावनी जारी करते हुए अपने पशुओं को वापस ले जाने के निर्देश दिए थे। उस दौरान कुछ गोवंशों को गौ सदन भी भेजा गया था, लेकिन इसके बावजूद समस्या दोबारा उत्पन्न हो गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश भी दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि आम लोगों और खिलाड़ियों को राहत मिल सके।


लगातार सामने आ रही इस समस्या ने प्रशासनिक व्यवस्था और पशुपालकों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि लापरवाह पशुपालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर भविष्य में गोवंशों को निराश्रित छोड़ने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जाए।

