सावन के पहले सोमवार पर दक्षेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुबह चार बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक

सावन के पहले सोमवार पर दक्षेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुबह चार बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

सावन के पावन सोमवार पर धर्मनगरी हरिद्वार के कनखल स्थित प्रसिद्ध दक्षेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह चार बजे से ही मंदिर के कपाट खुलने के साथ जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। बड़ी संख्या में शिवभक्त और कांवड़िए भगवान भोलेनाथ के दर्शन और अभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे।

मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्त गंगाजल, बेलपत्र, दूध, दही, भांग और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक कर रहे हैं। पूरे मंदिर परिसर में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

दक्षेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव की ससुराल के रूप में विशेष धार्मिक मान्यता प्राप्त है। मान्यता है कि सावन माह में भगवान शिव यहीं विराजमान रहते हैं। इसी आस्था के चलते उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु सावन भर इस मंदिर में जलाभिषेक करने पहुंचते हैं।

इन दिनों हरिद्वार में कांवड़ यात्रा भी पूरे उत्साह के साथ जारी है। ऐसे में गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़िए भी बड़ी संख्या में दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपनी यात्रा को पूर्ण कर रहे हैं। इससे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

मंदिर प्रशासन भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है। पेयजल, चिकित्सा सहायता और कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के भगवान शिव के दर्शन और पूजन कर सकें।

सावन के पहले सोमवार पर दक्षेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ी आस्था ने एक बार फिर हरिद्वार की धार्मिक महत्ता को जीवंत कर दिया। शिवभक्ति में डूबे श्रद्धालुओं और गूंजते हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर दिखाई दिया।