

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : संजय जोशी

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने रविवार को हल्द्वानी स्थित अपने कैंप कार्यालय में जनता दरबार आयोजित कर आमजन की समस्याएं सुनीं। जनता दरबार में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिससे लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं।


जनता दरबार में सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, राजस्व और अन्य जनहित से जुड़े मामलों को लेकर लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों के साथ मौके पर ही समीक्षा करते हुए 700 से अधिक मामलों का तत्काल निस्तारण कराया, जबकि शेष प्रकरणों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।



राम सिंह कैड़ा ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण किया जाए और शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करें।
कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों से आमजन के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रशासन की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए जिससे लोगों का सरकार और प्रशासन पर विश्वास मजबूत हो। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।


जनता दरबार में नगर आयुक्त हल्द्वानी, जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) नैनीताल, उपजिलाधिकारी धारी, उपजिलाधिकारी नैनीताल, सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी, जिला विकास प्राधिकरण के सचिव सहित विद्युत, पेयजल और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।


जनता दरबार के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान होने पर फरियादियों ने संतोष जताया। मंत्री ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे जनता दरबार नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि आमजन की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक जवाबदेह एवं जनकेंद्रित बन सके।

