छात्रों के प्रदर्शन पर सियासत तेज, कांग्रेस ने सरकार को घेरा, भाजपा ने लगाए राजनीति के आरोप

छात्रों के प्रदर्शन पर सियासत तेज, कांग्रेस ने सरकार को घेरा, भाजपा ने लगाए राजनीति के आरोप

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बाद छात्र हितों और परीक्षा प्रणाली को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए लगातार एफआईआर दर्ज करा रही है, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कांग्रेस पर छात्रों की आड़ में राजनीति करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस का कहना है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों और छात्रों की मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पार्टी का आरोप है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार विरोध करने वालों पर एफआईआर दर्ज कर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है।

वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से देश के युवाओं और जेन ज़ी (Gen Z) की चिंताओं के प्रति संवेदनशील रहे हैं। पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार ने युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना है और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।

उत्तराखंड भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन ने कहा कि सरकार ने नकल और परीक्षा अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून लागू किए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना भाजपा सरकार की प्राथमिकता रही है।

कमलेश रमन ने कांग्रेस पर नीट पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार परीक्षा सुधारों और युवाओं की मांगों पर गंभीरता से काम कर रही है, जबकि कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

भाजपा का दावा है कि केंद्र सरकार लगातार परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है ताकि छात्रों का विश्वास मजबूत हो। पार्टी का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार ठोस निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।

छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर कांग्रेस सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर भाजपा विपक्ष पर छात्रों के आंदोलनों को राजनीतिक मंच बनाने का आरोप लगा रही है। ऐसे में परीक्षा सुधार और छात्रों की मांगों को लेकर राजनीतिक बहस फिलहाल और तेज होने के संकेत हैं।