रानीखेत अस्पताल में जन औषधि केंद्र दोबारा शुरू करने की मांग, महिला मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन

रानीखेत अस्पताल में जन औषधि केंद्र दोबारा शुरू करने की मांग, महिला मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

रानीखेत चिकित्सालय में लंबे समय से बंद पड़े जन औषधि केंद्र को शीघ्र दोबारा संचालित कराने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने शुक्रवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर ज्ञापन सौंपते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की।

महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को बताया कि अस्पताल में जन औषधि केंद्र बंद होने से मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण लोगों को मजबूरन बाजार से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र का बंद होना सबसे अधिक गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को प्रभावित कर रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए सस्ती दवाओं की उपलब्धता बेहद आवश्यक है, लेकिन केंद्र बंद होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

महिला मोर्चा की सदस्यों ने बताया कि रानीखेत के आसपास के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए चिकित्सालय पहुंचते हैं। ऐसे मरीजों के लिए जेनेरिक दवाएं काफी राहत देती हैं, लेकिन केंद्र के बंद रहने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

पदाधिकारियों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट से अनुरोध किया कि जनहित को देखते हुए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई कर जन औषधि केंद्र का संचालन जल्द से जल्द पुनः शुरू कराया जाए। उनका कहना था कि इससे हजारों मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ बनेंगी।

ज्ञापन सौंपने वालों में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री विमला रावत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुनीता डावर, जिला मंत्री रेखा आर्या तथा जिला कार्यकारिणी सदस्य अन्नू सोनकर सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहीं।

महिला मोर्चा ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस जनहित के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय करेगा, जिससे रानीखेत चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को एक बार फिर सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं की सुविधा मिल सके।