10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधान संगठनों का धरना, बायोमेट्रिक व्यवस्था का किया विरोध

10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधान संगठनों का धरना, बायोमेट्रिक व्यवस्था का किया विरोध

स्थान : विकासनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

ब्लॉक मुख्यालय विकासनगर में शुक्रवार को विभिन्न प्रधान संगठनों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने शासन से अपनी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।

धरने के दौरान प्रधान संगठन के अध्यक्ष भारत सिंह तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार की रोजगार गारंटी योजना के तहत ग्राम पंचायतों में कार्यरत श्रमिकों के लिए सुबह और शाम बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था को लेकर प्रदेशभर के प्रधान संगठनों में असंतोष है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पहाड़ी और दूरदराज़ क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ऐसे क्षेत्रों में बायोमेट्रिक व्यवस्था का प्रभावी संचालन संभव नहीं है, जिससे श्रमिकों और ग्राम पंचायतों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

प्रधान संगठनों ने मांग की कि पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए वहां बायोमेट्रिक उपस्थिति की अनिवार्यता लागू न की जाए। उनका कहना है कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि वर्तमान में दी जा रही 300 रुपये की मजदूरी अन्य राज्यों की तुलना में कम है, इसलिए इसे बढ़ाकर समान स्तर पर लाया जाना चाहिए ताकि श्रमिकों को उचित पारिश्रमिक मिल सके।

धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रधान संगठनों ने अपनी अन्य मांगों को भी शासन के समक्ष रखा और कहा कि यदि समय रहते इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

प्रधान संगठन और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आगामी विधानसभा सत्र का बहिष्कार करने सहित लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन तेज करेंगे। हालांकि, इन मांगों पर शासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।