

स्थान : पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्ट

जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। श्रीनगर और खंडाह के बीच पहाड़ी से भारी मलबा और विशाल बोल्डर सड़क पर गिरने से श्रीनगर-पौड़ी श्रीकोट मार्ग कुछ घंटों के लिए पूरी तरह बाधित हो गया। मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।


घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क पर गिरे मलबे और पत्थरों को हटाने का काम शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार लगातार प्रयासों के बाद शाम करीब 6 बजे बंद हुआ मार्ग रात 11 बजे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया, जबकि बाद में बड़े वाहनों की आवाजाही भी शुरू कर दी गई।



मार्ग बंद रहने के दौरान यात्रियों को काफी समय तक इंतजार करना पड़ा। बारिश के बीच सड़क पर फंसे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। प्रशासन का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने के लिए विभागीय टीमें लगातार काम कर रही थीं।


हालांकि, इस दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठे। स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि सड़क बंद होने के बाद मौके पर तत्काल डायवर्जन, बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड की व्यवस्था नहीं दिखाई दी। ऐसे में रात के समय इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों के लिए खतरा बना रहा।

लोगों ने सवाल उठाया कि मानसून के दौरान संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर पहले से सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की जाती। उनका कहना है कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेत और वैकल्पिक व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।


बारिश के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती है कि प्रभावित मार्गों पर त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी सूचना और चेतावनी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।



फिलहाल श्रीनगर-पौड़ी श्रीकोट मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया है, लेकिन इस घटना ने मानसून के दौरान पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा तैयारियों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

