

स्थान : हेमकुंड (चमोली)
ब्यूरो रिपोर्ट

समुद्र तल से लगभग 15 हजार फीट की ऊंचाई पर उत्तराखंड के चमोली जनपद की उच्च हिमालयी लोकपाल घाटी में स्थित पवित्र सिख तीर्थ श्री हेमकुंड साहिब में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रवाह लगातार जारी है। मानसून के बीच भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरु महाराज के तपस्थल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।


श्री हेमकुंड साहिब पहुंचने वाली संगत कठिन मौसम और दुर्गम पर्वतीय मार्ग की परवाह किए बिना पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ यात्रा पूरी कर रही है। श्रद्धालु पवित्र अमृत सरोवर में आस्था की डुबकी लगाने के बाद गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब में मत्था टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।



सिख धर्म के दशम गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज को समर्पित इस पावन धाम में अब तक करीब दो लाख 18 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा मार्ग पर ‘बोले सो निहाल… सत श्री अकाल’ और ‘वाहे गुरु’ के जयघोष के साथ आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।


यात्रा के बेस कैंप गोविंदघाट से घांघरिया और वहां से हेमकुंड साहिब तक लगभग 15 किलोमीटर का दुर्गम पैदल मार्ग श्रद्धालुओं की आस्था की परीक्षा लेता है। बावजूद इसके श्रद्धालु पूरे जोश और उत्साह के साथ इस कठिन यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा कर रहे हैं।

श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा मैनेजमेंट ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सरदार सेवा सिंह की निगरानी में यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। ट्रस्ट की ओर से आवास, लंगर, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन ट्रस्ट मानसून के दौरान भी यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहे हैं। श्रद्धालुओं से मौसम की जानकारी लेकर सावधानीपूर्वक यात्रा करने की अपील की जा रही है। बेहतर व्यवस्थाओं और मजबूत प्रबंधन के चलते हेमकुंड साहिब यात्रा श्रद्धालुओं के लिए सुगम और सुरक्षित बनी हुई है।



