हरिद्वार में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई गई गुरु पूर्णिमा, मठ-मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

हरिद्वार में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई गई गुरु पूर्णिमा, मठ-मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

धर्मनगरी हरिद्वार में गुरु पूर्णिमा का पर्व बुधवार को श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही विभिन्न मठों, मंदिरों और आश्रमों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां भक्तों ने अपने गुरुजनों का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे शहर में धार्मिक वातावरण बना रहा और गुरु वंदना के कार्यक्रम आयोजित किए गए।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में हरिद्वार के प्रमुख आश्रमों और मंदिरों में पहुंचे। भक्तों ने अपने गुरुजनों का पूजन-अर्चन कर उनके चरण स्पर्श किए तथा जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद लिया। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन, प्रवचन और सत्संग का भी आयोजन किया गया।

धार्मिक संस्थानों में सुबह से ही पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने गुरु को ज्ञान, संस्कार और जीवन मार्गदर्शन का प्रतीक बताते हुए उनकी महिमा का गुणगान किया। आश्रमों में प्रसाद वितरण और भंडारों का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।

इसी दिन से हरिद्वार में बहुप्रतीक्षित कांवड़ मेले की भी औपचारिक शुरुआत हो गई। विभिन्न राज्यों से भगवान शिव के भक्त कांवड़िए हरिद्वार पहुंचने लगे हैं। गंगा जल लेने के लिए हरकी पैड़ी सहित प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।

कांवड़ मेले को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा एवं यातायात की व्यापक व्यवस्था की है। प्रमुख मार्गों, घाटों और संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से मेले की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

गुरु पूर्णिमा और कांवड़ मेले के एक साथ शुरू होने से हरिद्वार पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता के साथ अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें।