

स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की झिरना रेंज में वन विभाग ने तीन से चार महीने के एक नन्हे हाथी के शावक का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है। शावक जंगल में अपनी मां और झुंड से बिछड़ा हुआ अकेला मिला। फिलहाल उसे सुरक्षित क्वारंटीन में रखकर उसकी देखभाल की जा रही है, जबकि वन विभाग उसे उसके प्राकृतिक झुंड से मिलाने के प्रयास जारी रखे हुए है।


झिरना रेंज में नियमित गश्त के दौरान वनकर्मियों को झिरना रेस्ट हाउस के समीप हाथी का शावक अकेले घूमता दिखाई दिया। आसपास उसकी मां या हाथियों का कोई झुंड मौजूद नहीं था। सूचना मिलते ही कॉर्बेट प्रशासन की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र में हाथियों के झुंड की तलाश शुरू कर दी गई।



वन विभाग की पहली प्राथमिकता शावक को उसकी मां और झुंड से दोबारा मिलाना थी। इसके लिए पूरे दिन जंगल में निगरानी रखी गई और विभिन्न स्थानों पर हाथियों के झुंड तक शावक को पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई भी झुंड उसे अपने साथ नहीं ले गया।

शाम तक प्रयास असफल रहने के बाद वन विभाग ने शावक की सुरक्षा को देखते हुए उसका रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित परिसर में क्वारंटीन में रखा। यहां विशेषज्ञों की निगरानी में उसकी देखभाल की जा रही है, ताकि उसे किसी प्रकार का संक्रमण या अन्य खतरा न हो।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि शावक के शरीर पर हल्की चोटों के निशान भी मिले हैं। उसका विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा और वन्यजीव चिकित्सकों की टीम लगातार उसके स्वास्थ्य पर नजर रखेगी।

उन्होंने बताया कि यदि आने वाले दिनों में शावक को उसकी मां या प्राकृतिक झुंड से नहीं मिलाया जा सका तो वन्यजीव संरक्षण के निर्धारित नियमों के अनुसार उसे रेस्क्यू सेंटर में स्थानांतरित किया जाएगा। साथ ही आसपास के जंगलों में हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि शावक को उसके प्राकृतिक आवास और परिवार से मिलाने की हर संभव कोशिश की जा सके।



