सड़क सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार सख्त, ललूवापानी–बनलेख से जयगांव–जैंतोली मार्ग का किया संयुक्त निरीक्षण

सड़क सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार सख्त, ललूवापानी–बनलेख से जयगांव–जैंतोली मार्ग का किया संयुक्त निरीक्षण

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

जनपद में सड़क सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में ललूवापानी–बनलेख मोटर मार्ग से जयगांव–जैंतोली मोटर मार्ग का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग लोहाघाट, एआरटीओ चंपावत तथा अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड (पीएमजीएसवाई) सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान मार्ग के प्रारंभिक लगभग 400 मीटर हिस्से में सड़क का ढाल अत्यधिक तीव्र पाया गया, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। इस पर जिलाधिकारी ने आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभाग को आवश्यकतानुसार क्रैश बैरियर लगाने की तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

संयुक्त निरीक्षण में मार्ग के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा दीवारों तथा काजवों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति भी सामने आई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को इन स्थलों का शीघ्र तकनीकी निरीक्षण कर विस्तृत आख्या रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि समय रहते आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य कराए जा सकें।

जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन करते हुए उसे मार्ग का विस्तृत निरीक्षण करने के निर्देश दिए। समिति को दुर्घटना संभावित स्थलों का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक सुरक्षा उपायों का आकलन करते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क की वर्तमान स्थिति, आवश्यक सुरक्षा कार्यों और संभावित पुनर्निर्माण से संबंधित विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी कार्रवाई करते हुए सड़क को सुरक्षित और सुगम बनाया जाएगा।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि आमजन को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध हो सके।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मार्ग की भौगोलिक परिस्थितियों, जोखिम वाले स्थलों तथा सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का भी विस्तृत आकलन किया। प्रशासन का कहना है कि प्राप्त तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही तेज गति से की जाएगी, जिससे भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।