

स्थान – देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

मानद वन्यजीव संरक्षक राजीव तलवार ने राजाजी टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और वन्यजीव कॉरीडोर को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि राजाजी टाइगर रिजर्व के पूर्वी क्षेत्र में वर्तमान में 65 से अधिक बाघ मौजूद हैं, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में लंबे समय तक वन्यजीव कॉरीडोर बाधित रहने के कारण बाघों की आवाजाही प्रभावित होती रही।


राजीव तलवार ने बताया कि पश्चिमी क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ाने और उनके प्राकृतिक आवागमन को सुचारू बनाने के उद्देश्य से पहले चरण में कॉर्बेट नेशनल पार्क से पांच बाघों का सफलतापूर्वक पुनर्वास (रिलोकेशन) किया गया था। इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद अब नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) से अनुमति मिलने पर पांच और बाघों को पश्चिमी क्षेत्र में स्थानांतरित करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।


उन्होंने कहा कि इस कदम से न केवल पश्चिमी क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि दोनों क्षेत्रों के बीच पारिस्थितिक संतुलन भी मजबूत होगा। वन विभाग और संबंधित एजेंसियां रिलोकेशन की प्रक्रिया को वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप पूरा करने की दिशा में कार्य कर रही हैं।


राजीव तलवार ने वन्यजीव कॉरीडोर के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि एलिवेटेड रोड बनने के बाद हाथियों और अन्य वन्यजीवों का आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो गया है। पहले सड़क पर चौबीसों घंटे भारी यातायात रहने से हाथियों का प्राकृतिक कॉरीडोर बाधित होता था, जिसके कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी सामने आती थीं।

उन्होंने बताया कि नया कॉरीडोर और एलिवेटेड रोड बनने से अब हाथियों को यमुना से शारदा तक तथा शिवालिक क्षेत्र में निर्बाध आवाजाही का मार्ग मिल गया है। उनके अनुसार, यह परियोजना वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो रही है।


