फाटो और हाथीडंगर पर्यटन जोन खोलने की मांग तेज, कारोबारियों ने डीएफओ का किया घेराव

फाटो और हाथीडंगर पर्यटन जोन खोलने की मांग तेज, कारोबारियों ने डीएफओ का किया घेराव

स्थान – रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले फाटो पर्यटन जोन और हाथीडंगर पर्यटन जोन को दोबारा खोले जाने की मांग को लेकर स्थानीय पर्यटन कारोबारियों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। जिप्सी चालक, नेचर गाइड, वाहन मालिक और अन्य पर्यटन व्यवसायियों ने तराई पश्चिमी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) प्रकाश आर्य का घेराव कर दोनों पर्यटन जोन खोलने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि दोनों पर्यटन जोन बंद होने से क्षेत्र की पर्यटन गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इससे जिप्सी चालकों, नेचर गाइडों, होटल व्यवसायियों और पर्यटन पर निर्भर अन्य स्थानीय लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष बरसात के दौरान भी फाटो पर्यटन जोन संचालित किया गया था, लेकिन इस वर्ष बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दोनों जोन बंद कर दिए गए हैं।

कारोबारियों ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सैकड़ों परिवारों की आजीविका इन जोनों पर निर्भर है। उन्होंने मांग की कि स्थानीय लोगों के रोजगार और आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए फाटो और हाथीडंगर पर्यटन जोन को शीघ्र खोला जाए। पर्यटन कारोबारी हिमांशु तिरुवा ने कहा कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे उच्च अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन भी करेंगे।

वहीं, मामले पर डीएफओ प्रकाश आर्य ने स्पष्ट किया कि फाटो और हाथीडंगर पर्यटन जोन को निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत बंद किया गया है। उन्होंने बताया कि वन्यजीवों पर पड़ने वाले दबाव, बरसात के मौसम और अन्य पर्यावरणीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

डीएफओ ने कहा कि पर्यटन कारोबारियों का ज्ञापन प्राप्त हो गया है और उनकी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। यदि आवश्यकता हुई तो उच्च अधिकारियों से भी मार्गदर्शन और अनुमति ली जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पर्यटन कारोबारियों की निगाहें वन विभाग के अगले निर्णय पर टिकी हैं। यदि उनकी मांग पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।