

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने बुधवार को गोविंद सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओपीडी का निरीक्षण किया तथा विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों से उपचार और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में लंबे समय से बंद पड़ी डायलेसिस मशीन और डिजिटल एक्स-रे मशीन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दोनों मशीनों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। साथ ही अस्पताल परिसर में बंद पड़े जन औषधि केंद्र को भी जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए।



जिलाधिकारी ने बताया कि मरीजों की चिकित्सा संबंधी जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे मरीजों के उपचार की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और सुविधाजनक बनेगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और मरीजों को दवा उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।


विशेषज्ञ चिकित्सकों की कैंप ड्यूटी को लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि अल्मोड़ा जनपद भौगोलिक दृष्टि से विस्तृत एवं दुर्गम क्षेत्र वाला जिला है। ऐसे में ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में चिकित्सा शिविर आयोजित करना आवश्यक है, जिससे स्थानीय लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श तथा दिव्यांग प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं उनके क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपलब्धता के कारण असुविधा न हो, इसके लिए चिकित्सकों की कैंप ड्यूटी की सूचना पूर्व निर्धारित रूप से अस्पताल के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी, ताकि मरीज अपनी सुविधा के अनुसार उपचार के लिए अस्पताल पहुंच सकें।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि चिकित्सा सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



