

स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

ऋषिकेश में गंगा का तेज बहाव एक भेलपुरी विक्रेता के लिए जानलेवा साबित हो सकता था, लेकिन एसडीआरएफ और जल पुलिस की तत्परता से उसकी जान बचा ली गई। गंगा की धारा में बहने के बाद करीब पांच किलोमीटर तक बहता हुआ व्यक्ति राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के पास नदी के बीच बने एक टापू तक पहुंच गया, जहां वह दलदली जमीन में फंस गया था।


जानकारी के अनुसार, जिला कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि पशुलोक बैराज से पहले गंगा के बीच बने टापू पर एक व्यक्ति फंसा हुआ है और हाथ हिलाकर मदद मांग रहा है। सूचना मिलते ही त्रिवेणी घाट पर तैनात एसडीआरएफ की टीम, जल पुलिस और आपदा राहत दल तत्काल मौके पर पहुंच गए और बचाव अभियान शुरू किया।



रेस्क्यू टीम ने तेज बहाव के बीच राफ्ट की मदद से टापू तक पहुंच बनाई। मौके पर पहुंचने पर व्यक्ति दलदली जमीन में फंसा हुआ मिला। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने सावधानी बरतते हुए उसे दलदल से बाहर निकाला और सुरक्षित राफ्ट के जरिए नदी किनारे पहुंचाया।


पुलिस के अनुसार, बचाए गए व्यक्ति की पहचान विनोद सिंह (50 वर्ष) निवासी शीशम झाड़ी, मुनिकीरेती के रूप में हुई है। विनोद सिंह रामझूला के पास भेलपुरी का ठेला लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बताया जा रहा है कि गंगा किनारे उनका पैर फिसल गया, जिसके बाद वह तेज बहाव में बहते चले गए।

विनोद सिंह गंगा की धारा में करीब पांच किलोमीटर तक बहने के बाद राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के पास बने टापू तक पहुंचे। गनीमत रही कि वह वहां फंस गए और उन्हें समय रहते मदद मिल गई। यदि रेस्क्यू में देरी होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

रेस्क्यू के बाद विनोद सिंह को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीम की त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।


प्रशासन ने बरसात के मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के दौरान नदी किनारे जाने, तेज बहाव वाले क्षेत्रों में उतरने और जोखिम भरे स्थानों पर जाने से बचें, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

