

स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

देश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में एक डॉक्टर के आवास से लाखों रुपये की नकदी और आभूषण चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है और जांच शुरू कर दी गई है।


जानकारी के अनुसार, एम्स ऋषिकेश की आवासीय कॉलोनी में रहने वाले डॉ. रविंद्र तिवारी अपने कार्य के सिलसिले में ड्यूटी पर गए हुए थे। इसी दौरान अज्ञात चोर उनके फ्लैट का ताला तोड़कर अंदर घुस गए और अलमारी में रखी नकदी तथा लगभग 10 से 15 लाख रुपये मूल्य के आभूषण चोरी कर फरार हो गए।



ड्यूटी से लौटने पर डॉ. तिवारी ने देखा कि उनके फ्लैट का ताला टूटा हुआ है और घर का सामान बिखरा पड़ा है। इसके बाद उन्होंने तत्काल एम्स परिसर स्थित पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी।


घटना के बाद एम्स परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों के पास है। चोरी की इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता को लेकर विभिन्न चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि सुरक्षा कर्मियों की भूमिका या लापरवाही की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि बीते कुछ समय में एम्स परिसर में चोरी की घटनाओं में वृद्धि देखने को मिली है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यदि ऐसा है तो सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। चोरी की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।


फिलहाल इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और एम्स प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी कैसे हुई और यदि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है।

