मूसलाधार बारिश से कल्पेश्वर मार्ग बाधित, दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से टूटा संपर्क

मूसलाधार बारिश से कल्पेश्वर मार्ग बाधित, दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से टूटा संपर्क

स्थान : चमोली (उर्गम)
ब्यूरो रिपोर्ट

चमोली जिले के ज्योतिर्मठ प्रखंड की कल्प घाटी (उर्गम वैली) में देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भारी वर्षा के कारण पंचम केदार भगवान कल्पेश्वर महादेव मंदिर को जोड़ने वाला हेलंग-उर्गम-कल्पेश्वर मोटर मार्ग सलना गांव के समीप भूस्खलन की चपेट में आ गया। सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है।

सड़क बंद होने के कारण पंचम केदार कल्पेश्वर धाम सहित कल्प घाटी के दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है और स्थानीय ग्रामीणों के दैनिक आवागमन, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति तथा आपातकालीन सेवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पहले से ही जर्जर स्थिति में थी और लगातार हो रही बारिश ने हालात को और गंभीर बना दिया। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क बाधित होने के बावजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। बड़े-बड़े बोल्डरों और मलबे के बीच से गुजरकर लोग किसी तरह जोशीमठ मुख्यालय तक पहुंच रहे हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच यह सफर बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

ग्रामीणों ने संबंधित कार्यदायी संस्था और प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र मलबा हटाने और सड़क बहाल करने का कार्य शुरू नहीं किया गया तो क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और आपातकालीन परिस्थितियों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि कल्प घाटी के लिए यह सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि जीवनरेखा है। इसके बंद होने से बाजार, अस्पताल, विद्यालय और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच पूरी तरह प्रभावित हो गई है, जिससे लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।

प्रशासन की ओर से सड़क बहाली के प्रयासों पर स्थानीय लोग नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मौसम सामान्य होते ही मलबा हटाने का कार्य तेज किया जाएगा और हेलंग-उर्गम-कल्पेश्वर मोटर मार्ग को जल्द यातायात के लिए सुचारु किया जाएगा, ताकि कल्प घाटी के लोगों को राहत मिल सके।