मंगलौर में व्यक्ति ने परिवार की सुरक्षा की लगाई गुहार, गौकशी का विरोध करने पर धमकियों का आरोप

मंगलौर में व्यक्ति ने परिवार की सुरक्षा की लगाई गुहार, गौकशी का विरोध करने पर धमकियों का आरोप

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

रुड़की के मंगलौर क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने गौकशी और अन्य कथित अवैध गतिविधियों का विरोध करने के बाद स्वयं और अपने परिवार की जान को खतरा होने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने अपनी पत्नी और बच्चों के साथ पत्रकार वार्ता कर प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मंगलौर निवासी शमशुज़मा कुरैशी ने प्रेस वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि नगर के कुछ लोग लंबे समय से गौकशी सहित अन्य कथित अवैध गतिविधियों में संलिप्त हैं। उनका कहना है कि उन्होंने इन मामलों का विरोध किया और संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शमशुज़मा की पत्नी सायरा भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन जी रहा है। उनके अनुसार लगातार मिल रही धमकियों के कारण परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है और बच्चों पर भी इसका मानसिक प्रभाव पड़ रहा है।

शमशुज़मा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके कुछ रिश्तेदार कथित तौर पर विरोधी पक्ष के साथ मिलकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। उनका कहना है कि विरोध करने के बाद से उनके खिलाफ लगातार दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उनका परिवार असुरक्षित महसूस कर रहा है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपों की सत्यता की जांच करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

फिलहाल प्रेस वार्ता में लगाए गए ये सभी आरोप एक पक्ष के दावे हैं। मामले में पुलिस या संबंधित पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

प्रशासनिक स्तर पर यदि इस मामले में कोई जांच या कार्रवाई शुरू की जाती है, तो उससे जुड़े तथ्यों और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। पत्रकारिता के सिद्धांतों के अनुसार मामले के सभी पक्षों को सामने लाना आवश्यक है और आधिकारिक जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जाना चाहिए।