डॉक्टरों पर बढ़ते हमलों के खिलाफ आईएमए रुड़की का विरोध, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

डॉक्टरों पर बढ़ते हमलों के खिलाफ आईएमए रुड़की का विरोध, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर बढ़ते हमलों को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) रुड़की शाखा ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कड़ा विरोध जताया है। रुड़की के एक निजी होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ बढ़ रही हिंसा न केवल डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इससे पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

आईएमए का यह विरोध हाल ही में रुड़की के एक निजी अस्पताल में हुई उस घटना के बाद सामने आया है, जिसमें कुछ लोगों द्वारा अस्पताल के स्टाफ के साथ कथित रूप से अभद्रता और मारपीट किए जाने का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद स्थानीय डॉक्टरों में नाराजगी का माहौल है और उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पत्रकार वार्ता के दौरान आईएमए पदाधिकारियों ने कहा कि डॉक्टर दिन-रात मरीजों की जान बचाने के लिए कार्य करते हैं, लेकिन वही खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना था कि अस्पतालों में हिंसा की घटनाएं केवल डॉक्टरों पर हमला नहीं, बल्कि पूरी चिकित्सा व्यवस्था और समाज के स्वास्थ्य तंत्र पर सीधा प्रहार हैं।

संगठन ने कहा कि डॉक्टर कठिन परिस्थितियों में भी लगातार अपनी सेवाएं देते हैं, लेकिन उनके साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और धमकी जैसी घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे माहौल का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों को मिलने वाले उपचार पर भी पड़ सकता है।

आईएमए रुड़की शाखा ने सरकार से स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। संगठन ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने, आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज करने तथा मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग उठाई।

इसके साथ ही संगठन ने सभी प्रमुख अस्पतालों में सिक्योरिटी ज़ोन विकसित करने, अस्पताल परिसरों में अनियंत्रित प्रवेश पर रोक लगाने और पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। आईएमए का कहना है कि सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराए बिना डॉक्टर पूरी निष्ठा और निर्भीकता के साथ अपनी सेवाएं नहीं दे सकते।

आईएमए रुड़की ने स्पष्ट किया कि वह डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा का विरोध करता है और ऐसे मामलों में पीड़ित चिकित्सकों के साथ मजबूती से खड़ा है। संगठन ने सरकार और प्रशासन से जल्द प्रभावी कदम उठाने की अपील करते हुए कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहतर और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है।