

स्थान : बाज़पुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) कुमाऊं रेंज ने जनस्वास्थ्य से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए नकली दवाइयों के निर्माण की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकली सिरप, टैबलेट, कैप्सूल, दवा निर्माण में प्रयुक्त मशीनें, पैकेजिंग सामग्री और कच्चा माल बरामद किया गया। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।


एसटीएफ और औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बाजपुर स्थित कोविल बायोटैक (औद्योगिक क्षेत्र) में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान धीरेन्द्र पुत्र ब्रह्म सिंह, निवासी बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश), को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री में अवैध रूप से नकली दवाइयों के निर्माण और पैकेजिंग का खुलासा हुआ।



जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर बिना वैध एलोपैथिक औषधि निर्माण लाइसेंस के आयुर्वेदिक एवं फूड लाइसेंस की आड़ में प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नाम से नकली एलोपैथिक और जीवन रक्षक दवाइयों का निर्माण कर बाजार में आपूर्ति कर रहा था। मामले की विस्तृत जांच जारी है।


आरोपी की निशानदेही पर एनएच-74 स्थित एक गोदाम की तलाशी ली गई, जहां से भारी मात्रा में तैयार नकली दवाइयां, पैकिंग सामग्री और अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर हरियाणा से अवैध शराब मंगाकर उत्तराखंड में सप्लाई करने की बात स्वीकार की है। पुलिस इस कथित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
एसटीएफ के अनुसार कार्रवाई के दौरान हजारों की संख्या में विभिन्न ब्रांडों के नाम से तैयार नकली सिरप, टैबलेट और कैप्सूल बरामद किए गए। इसके अलावा दवा निर्माण और पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले स्टेनलेस स्टील टैंक, फिलिंग मशीन, सीलिंग मशीन, लेबलिंग मशीन सहित अन्य उपकरण भी जब्त किए गए हैं। साथ ही अवैध शराब, बोतलें, ढक्कन, रैपर, होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री भी बरामद हुई है।

एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार ने कहा कि जनस्वास्थ्य और उपभोक्ताओं के जीवन से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण से जुड़े अन्य व्यक्तियों और पूरे नेटवर्क की पहचान करने के लिए विस्तृत विवेचना की जा रही है तथा आगे भी गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी रहेगी।


एसटीएफ का कहना है कि यह उत्तराखंड में नकली दवाइयों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है। बरामद सामग्री को जांच के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया है और मामले में औषधि एवं आबकारी कानूनों सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

