

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

शहर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को कांग्रेस भवन में हरेला पर्व उत्साहपूर्वक मनाया। कार्यक्रम का नेतृत्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दीं और विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण किया गया।


कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि हरेला पर्व केवल पौधारोपण का उत्सव नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक जरूरी उनका नियमित संरक्षण और रखरखाव करना है, क्योंकि देखभाल के अभाव में अधिकांश पौधे नष्ट हो जाते हैं।



शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि हरेला उत्तराखंड का एक महत्वपूर्ण लोकपर्व है, जिसकी पहचान प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में हर वर्ष लाखों पौधे लगाए जाते हैं और कांग्रेस पार्टी ने भी इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को पौधे वितरित कर उन्हें अपने घरों और आसपास रोपित करने तथा उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया है।


नगर पालिका सभासद जसवीर कौर ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा इस पर्व को पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर मनाने की पहल के बाद यह आज जन-जन का पर्व बन चुका है। उन्होंने सभी लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की।
उत्तराखंड कांग्रेस के पीसीसी सदस्य उपेंद्र थापली ने कहा कि हरेला पर्व राज्य की संस्कृति और सभ्यता का परिचायक है। उन्होंने सरकार से प्रदेश में अधिक से अधिक पौधारोपण कराने और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, उन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

पूर्व विधायक जोत सिंह ने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्राकृतिक संसाधनों के साथ लगातार छेड़छाड़ होती रही तो भविष्य में गंभीर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।


कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि हरेला पर्व का वास्तविक उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि हरियाली बढ़ाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करना है।

