यमुना में बढ़े जलस्तर और सिल्ट से प्रभावित हुआ बिजली उत्पादन, अब सभी जल विद्युत परियोजनाएं फिर हुईं संचालित

यमुना में बढ़े जलस्तर और सिल्ट से प्रभावित हुआ बिजली उत्पादन, अब सभी जल विद्युत परियोजनाएं फिर हुईं संचालित

स्थान : विकासनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब जल विद्युत उत्पादन पर भी दिखाई देने लगा है। यमुना नदी में जलस्तर और सिल्ट की मात्रा अचानक बढ़ने के कारण एहतियातन उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) को कुछ जल विद्युत परियोजनाओं में अस्थायी रूप से बिजली उत्पादन रोकना पड़ा। हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद सभी प्रभावित बिजली घरों में उत्पादन दोबारा शुरू कर दिया गया है।

लगातार बारिश के चलते यमुना नदी में पानी का बहाव तेज होने के साथ सिल्ट की मात्रा भी काफी बढ़ गई थी। मशीनों की सुरक्षा और तकनीकी जोखिम से बचने के लिए यूजेवीएनएल ने ढकरानी, ढालीपुर और छिबरो जल विद्युत गृहों में कुछ समय के लिए बिजली उत्पादन बंद कर दिया था।

यूजेवीएनएल के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) विमल डबराल ने बताया कि वर्तमान में हालात सामान्य हैं और ढकरानी, ढालीपुर तथा छिबरो पावर हाउस में बिजली उत्पादन सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्पादन व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।

उन्होंने यह भी बताया कि कुलहाल और व्यासी जल विद्युत परियोजनाएं अपनी पूर्ण क्षमता के साथ लगातार बिजली उत्पादन कर रही हैं। इन परियोजनाओं के संचालन पर मौसम का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है और बिजली आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

बरसात के मौसम को देखते हुए यूजेवीएनएल ने सभी परियोजनाओं पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग की तकनीकी टीमें यमुना नदी के जलस्तर और सिल्ट की मात्रा पर लगातार निगरानी रख रही हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान जलस्तर और सिल्ट में अचानक वृद्धि जल विद्युत परियोजनाओं के लिए चुनौती बन जाती है। ऐसे में मशीनों की सुरक्षा और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर आवश्यक तकनीकी निर्णय लिए जाते हैं।

यूजेवीएनएल ने भरोसा दिलाया है कि मौसम की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी, ताकि विद्युत उत्पादन और आपूर्ति पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।