देवाल के ऐरठा गांव का संपर्क टूटा, पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने से रास्ता बंद

देवाल के ऐरठा गांव का संपर्क टूटा, पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने से रास्ता बंद

स्थान : चमोली
ब्यूरो रिपोर्ट

विकासखंड देवाल की ग्राम पंचायत ऐरठा के कनबनी तोक में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी से मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से ऐरठा गांव तथा गांव के विद्यालय को जाने वाला मुख्य पैदल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। लगातार पत्थर गिरने से ग्रामीणों में भय का माहौल है और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

रास्ता बंद होने के कारण ऐरठा गांव के ग्रामीणों का विकासखंड मुख्यालय से संपर्क लगभग कट गया है। लोगों को अब देवसारी गांव के रास्ते करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे विद्यार्थियों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार टम्टा ने दूरभाष पर बताया कि ग्रामीण लंबे समय से ऐरठा–ऑर्डर–लिंगड़ी–कफलखेत 14 किलोमीटर मोटर मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क का सर्वे हो चुका है और जॉब पिलर भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीण भी पैदल चलने को मजबूर हैं।

उन्होंने बताया कि कनबनी क्षेत्र में मलबा और बोल्डर गिरने की घटना में गुरुवार सुबह करीब 10 बजे ओम राम टम्टा के पैर में चोट भी लगी। लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

ऐरठा अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव है, जहां 60 से अधिक परिवार और लगभग 300 की आबादी निवास करती है। मुख्य मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्राम प्रधान प्रेमा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य खिमुली देवी, नंदन राम, रमेश राम, कुंदन राम, पूर्व प्रधान मदन राम सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मार्ग खोलने और प्रस्तावित मोटर मार्ग का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बरसात के दौरान यह समस्या हर वर्ष गंभीर रूप ले लेती है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क निर्माण और मार्ग बहाली को लेकर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन, धरना-प्रदर्शन करेंगे। साथ ही वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के बहिष्कार तक का निर्णय लेने की बात भी कही है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से जनहित में शीघ्र समाधान की मांग की है।