

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने टिकट दावेदारी को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि दावेदारी केवल निर्धारित समय, तय मंच और औपचारिक प्रक्रिया के तहत ही की जा सकेगी।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि मीडिया या सोशल मीडिया के माध्यम से की जाने वाली अनौपचारिक दावेदारी पर कार्रवाई की जा सकती है। पार्टी ने इसे संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ माना है।



पार्टी के अनुसार टिकट से जुड़ी दावेदारी को लेकर एक निश्चित प्रक्रिया तय है, जिसका सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को पालन करना अनिवार्य होगा। संगठन ने साफ किया है कि नियमों से बाहर जाकर की गई किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा।


इस बीच भाजपा विधायक विनोद चमोली ने प्रदेश अध्यक्ष के इस कदम का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि दावेदारी करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे क्षेत्र में मजबूत नेतृत्व का संकेत मिलता है।
विधायक चमोली ने कहा कि दावेदारी अपने आप में एक स्वस्थ परंपरा है, लेकिन इसके साथ अनुशासन की सीमाओं को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने संगठनात्मक एकता को सर्वोपरि बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि दावेदारी के दौरान सिटिंग विधायक या सरकार के कामकाज पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए जाते हैं, तो इससे चुनावी माहौल में असहज स्थिति उत्पन्न हो सकती है।


विनोद चमोली ने कहा कि ऐसे हालात में जनता भी उन्हीं सवालों को नेताओं के सामने रखती है, जिससे पार्टी की छवि पर असर पड़ सकता है। इसलिए सभी को संयम और अनुशासन में रहकर ही अपनी बात रखनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता से पार्टी को नुकसान होता है, इसलिए दावेदारी करते समय मर्यादा और संगठनात्मक नियमों का पालन अनिवार्य है। पार्टी का लक्ष्य एकजुट होकर चुनाव में उतरना और जीत सुनिश्चित करना है।

