

स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

रामनगर में ई-रिक्शा चालकों का गुस्सा शनिवार को सड़कों पर दिखाई दिया। कथित तौर पर एक मोबाइल ऐप के जरिए बीच रास्ते में ई-रिक्शा को हैक कर बंद किए जाने और बाद में उसे चालू करने के नाम पर अवैध वसूली किए जाने के विरोध में करीब 300 टुकटुक चालकों ने प्रदर्शन किया।


प्रदर्शन के दौरान सभी ई-रिक्शा चालकों ने अपने वाहनों को ग्राउंड में खड़ा कर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद वे एकजुट होकर उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।



चालकों ने उपजिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया कि एक विशेष ‘BAT’ ऐप के माध्यम से उनके ई-रिक्शा को अचानक कहीं भी रोक दिया जाता है, जिससे उन्हें गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चालकों का कहना है कि कई बार वाहन में मरीज, बुजुर्ग और बच्चे सवार होते हैं, ऐसे में बीच रास्ते में ई-रिक्शा बंद हो जाना यात्रियों की जान के लिए भी खतरा बन जाता है। उन्होंने बताया कि कई बार वाहन सुनसान या जंगल मार्गों पर बंद हो जाते हैं, जिससे सुरक्षा संकट और बढ़ जाता है।
आरोप है कि वाहन बंद होने के बाद कुछ लोग चालकों से संपर्क कर पैसे की मांग करते हैं और भुगतान के बाद ही वाहन को दोबारा चालू किया जाता है। चालकों ने इसे एक संगठित तरीके से की जा रही अवैध वसूली बताया है।

ई-रिक्शा चालकों ने कहा कि इस संबंध में पहले भी पुलिस से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्हें सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।


प्रदर्शन के दौरान लगभग 300 ई-रिक्शा वाहनों को ग्राउंड में खड़ा कर चालकों ने अपना विरोध जताया। इसके बाद सभी चालक उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा।
चालकों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे किसी भी वाहन को बिना वैध प्रक्रिया के बीच रास्ते में बंद न किया जा सके। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
वहीं उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान ने कहा कि मामले की जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि शिकायत की गंभीरता को देखते हुए उचित कदम उठाए जाएंगे।

