

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त किए जाने के बाद शिक्षा विभाग अब सभी मदरसों को नई व्यवस्था के तहत मान्यता देने की प्रक्रिया में जुट गया है। इस बदलाव के बाद मदरसों के संचालन और मान्यता को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।


हरिद्वार जिले में ढाई सौ से अधिक मदरसे संचालित हैं, जिन्हें अब निजी स्कूलों की तरह शिक्षा विभाग के माध्यम से मान्यता प्रदान की जाएगी। इसके लिए संबंधित मदरसों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।



जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के अनुसार, अब तक केवल 26 मदरसों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है। विभाग को लगातार नए आवेदन भी प्राप्त हो रहे हैं, जिन्हें जांच प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।


अधिकारियों का कहना है कि मान्यता प्रक्रिया को लेकर फिलहाल कोई निश्चित समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन विभाग का लक्ष्य सभी पात्र मदरसों को जल्द से जल्द मान्यता प्रदान करना है।
शिक्षा विभाग द्वारा सभी मदरसों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है, जिसमें शैक्षिक ढांचा, शिक्षक योग्यता, आधारभूत सुविधाएं और अन्य आवश्यक मानकों का मूल्यांकन शामिल है।

विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मान्यता केवल उन्हीं संस्थानों को दी जाएगी जो निर्धारित मानकों को पूरा करेंगे। इससे शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की कोशिश की जा रही है।


इस प्रक्रिया के तहत मदरसों को अब एक समान शिक्षा मानकों के अंतर्गत लाने की तैयारी की जा रही है, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
प्रशासन का कहना है कि जैसे-जैसे आवेदन प्राप्त होंगे, उनकी जांच कर मान्यता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी और जल्द ही सभी मदरसों को इस नई व्यवस्था के अंतर्गत शामिल कर लिया जाएगा।

