

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

रुड़की नेशनल भीम आर्मी के चीफ लोकेश कटारिया ने रुड़की पहुंचकर मीडिया से बातचीत के दौरान आगामी 5 जुलाई को रविदास घाट पर दलित महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस महापंचायत में दलित समाज के साथ-साथ सर्व समाज के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।


लोकेश कटारिया ने कहा कि महापंचायत का उद्देश्य समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना और सामाजिक सम्मान तथा न्याय की मांग को मजबूती से उठाना है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में महापंचायत में शामिल होने की अपील भी की।


उन्होंने कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन द्वारा बंद कमरे में माफी मांगने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस प्रकार की माफी समाज को स्वीकार नहीं है। उनका कहना था कि बंद कमरे में माफी मांगना समाज के सम्मान की पुनर्स्थापना नहीं माना जा सकता।

कटारिया ने कहा कि यदि वास्तव में अपनी गलती पर खेद व्यक्त करना है तो संबंधित व्यक्ति को रविदास घाट पर आयोजित महापंचायत में सर्व समाज के बीच पहुंचकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। तभी समाज इसे गंभीरता से स्वीकार करेगा।
उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक माफी मांगकर इस तरह के मामलों का निपटारा करना उचित नहीं है। उनका मानना है कि इससे समाज में गलत संदेश जाएगा और सामाजिक न्याय की भावना प्रभावित होगी।

नेशनल भीम आर्मी प्रमुख ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में केवल माफी के आधार पर कार्रवाई समाप्त कर दी जाती है तो अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण कानून की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े होंगे। उन्होंने कानून के निष्पक्ष और प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया।


लोकेश कटारिया ने शासन और प्रशासन से मामले में निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी प्रकार का पक्षपात स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो समाज आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि 5 जुलाई की दलित महापंचायत में आगे की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा और समाज की भावनाओं के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।

