द्वाराहाट : नियमितीकरण की मांग पर दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का धरना जारी, भूख हड़ताल की चेतावनी

द्वाराहाट : नियमितीकरण की मांग पर दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का धरना जारी, भूख हड़ताल की चेतावनी

स्थान : द्वाराहाट
ब्यूरो रिपोर्ट

द्वाराहाट विपिन त्रिपाठी कुमाऊँ प्रौद्योगिकी संस्थान, द्वाराहाट में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण की मांग को लेकर चल रहा धरना गुरुवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों का आंदोलन 4 जून से लगातार जारी है और अब आंदोलन निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है।

धरना स्थल पर गुरुवार को संस्थान की निदेशक की ओर से कर्मचारियों को एक पत्र सौंपा गया। पत्र में बताया गया कि सभी कार्मिकों से संबंधित पत्र सचिव, तकनीकी शिक्षा को भेज दिए गए हैं तथा मामले के शीघ्र समाधान की उम्मीद जताई गई है। हालांकि कर्मचारियों ने इस आश्वासन को पर्याप्त नहीं माना।

कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र रावत ने कहा कि वर्ष 2025 में हुई बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) की बैठक में कर्मचारियों के नियमितीकरण का प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक द्वाराहाट संस्थान के कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब अन्य तकनीकी संस्थानों में इसी प्रस्ताव के आधार पर कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जा चुका है, तो द्वाराहाट के कर्मचारियों के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार को सभी संस्थानों के लिए समान नीति अपनानी चाहिए।

राजेंद्र रावत ने सवाल उठाया कि यदि अन्य संस्थानों में नियमितीकरण संभव है तो क्या द्वाराहाट के लिए अलग शासनादेश लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों को केवल पत्र देकर मामले को टालने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि उन्हें ठोस आदेश की प्रतीक्षा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान प्रशासन ने सचिव, तकनीकी शिक्षा स्तर पर कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए प्रभावी पैरवी नहीं की। कर्मचारियों का कहना है कि केवल पत्राचार से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि नियमितीकरण का स्पष्ट शासनादेश जारी किया जाना चाहिए।

धरना दे रहे कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक नियमितीकरण का लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने इसे अपने अधिकारों की लड़ाई बताते हुए किसी भी स्तर तक संघर्ष करने की बात कही।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे भूख हड़ताल पर बैठने से भी पीछे नहीं हटेंगे और नियमितीकरण की मांग पूरी होने तक उनका सत्याग्रह लगातार जारी रहेगा।