

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

हल्द्वानी बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद हल्द्वानी शहर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में बनभूलपुरा का उजाला नगर रहा, जहां नाले में रुकावट आने से बारिश का पानी सड़कों और आसपास की बस्तियों में भर गया। इससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।


बारिश के बाद उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने उजाला नगर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नालों की वास्तविक स्थिति सामने आई, जहां कई स्थानों पर अतिक्रमण के कारण नाले अपनी मूल चौड़ाई खो चुके हैं। अधिकारियों ने माना कि यही जलभराव का सबसे बड़ा कारण है।


नगर आयुक्त ने बताया कि बनभूलपुरा क्षेत्र में नगर निगम द्वारा कुल 14 प्रमुख नालों को चिन्हित किया गया है। इन सभी नालों की नियमित सफाई कराई जा रही है ताकि बरसात के दौरान पानी की निकासी सुचारु बनी रहे। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर अतिक्रमण के चलते सफाई कार्य का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने कहा कि उजाला नगर का नाला मूल रूप से लगभग 12 फीट चौड़ा था, लेकिन समय के साथ हुए अतिक्रमण के कारण इसकी चौड़ाई काफी कम हो गई है। कई स्थानों पर नाला नाली जैसा दिखाई देने लगा है, जिससे पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है और थोड़ी सी तेज बारिश में भी जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नाले के ऊपर किए गए निर्माण और रास्तों को भी देखा। कई जगह लोगों द्वारा नाले पर स्थायी और अस्थायी निर्माण कर दिए गए हैं, जिससे नाले की क्षमता लगातार घटती जा रही है। इसका सीधा असर आसपास के रिहायशी इलाकों पर पड़ रहा है।

नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि इस संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की गई है। बैठक में इस बात पर सहमति बनी है कि जिन स्थानों पर नालों पर अतिक्रमण कर रास्तों को संकरा किया गया है, वहां जल्द अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।


उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम बरसात के मौसम को देखते हुए सभी प्रमुख नालों की निगरानी कर रहा है। जहां भी रुकावट या ब्लॉकेज की शिकायत मिलेगी, वहां तत्काल सफाई अभियान चलाया जाएगा। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि नालों में कूड़ा-कचरा न डालें और जल निकासी व्यवस्था को बाधित न करें।
नगर निगम का मानना है कि यदि नालों को उनके मूल स्वरूप में बहाल कर अतिक्रमण हटाया जाता है तो बनभूलपुरा सहित हल्द्वानी के कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है। अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

