अल्मोड़ा के कटारमल में ‘इको माउंटेन पिक्चर्स’ का भव्य शुभारंभ, हिमालयी कहानियों को मिलेगा वैश्विक मंच

अल्मोड़ा के कटारमल में ‘इको माउंटेन पिक्चर्स’ का भव्य शुभारंभ, हिमालयी कहानियों को मिलेगा वैश्विक मंच

स्थान : अल्मोड़ा
रिपोर्टर : संजय जोशी

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के कटारमल में स्वतंत्र फिल्म निर्माण संस्था ‘इको माउंटेन पिक्चर्स’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय संस्कृति, सिनेमा और रचनात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संस्था की पहली हिंदी फीचर फिल्म ‘यारसा गाम्बू’ की पहली झलक रही, जिसे दर्शकों ने खासा सराहा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले ही मिल चुकी है पहचान

यह फिल्म पहले ही एनएफडीसी वेव्स फिल्म बाजार वर्क-इन-प्रोग्रेस लैब 2025 में दक्षिण एशिया की शीर्ष पांच फिल्मों में चयनित हो चुकी है। साथ ही इसे प्रतिष्ठित ‘प्रसाद लैब स्पेशल मेंशन अवार्ड’ से भी सम्मानित किया गया है, जो इसकी गुणवत्ता और कहानी की गहराई को दर्शाता है।

हिमालयी संस्कृति और संघर्ष पर आधारित कहानी

फिल्म के लेखक और निर्देशक मोहन बेलवाल ने बताया कि ‘यारसा गाम्बू’ हिमालयी जनजातीय समाज के अस्तित्व, संघर्ष और जीवनशैली पर आधारित है। यह फिल्म न केवल एक कहानी है, बल्कि एक सांस्कृतिक दस्तावेज भी है, जो पर्वतीय जीवन की वास्तविकताओं को सामने लाती है।

हिमालय की कहानियों को मिलेगा वैश्विक मंच

संस्था के निर्माता कुंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि ‘इको माउंटेन पिक्चर्स’ का उद्देश्य हिमालय की अनसुनी कहानियों, संस्कृति और परंपराओं को सिनेमा के माध्यम से विश्व मंच तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को नई पहचान दिलाना संस्था का प्रमुख लक्ष्य रहेगा।

निष्कर्ष

कटारमल में इस फिल्म संस्था का शुभारंभ न केवल उत्तराखंड के सिनेमा जगत के लिए एक नई शुरुआत है, बल्कि यह संकेत भी है कि अब हिमालयी कहानियां भी बड़े पर्दे पर अपनी मजबूत पहचान बनाने जा रही हैं।