उत्तराखंड के खटीमा में चक्रवाती तूफान से भारी तबाही, जनजीवन अस्त-व्यस्त

उत्तराखंड के खटीमा में चक्रवाती तूफान से भारी तबाही, जनजीवन अस्त-व्यस्त

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर
: अशोक सरकार

उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र में आए भीषण चक्रवाती तूफान और तेज आंधी ने व्यापक तबाही मचा दी है अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है तेज हवाओं की रफ्तार इतनी अधिक बताई जा रही है कि कई जगह टीन शेड और हल्की संरचनाएं उड़कर दूर जा गिरीं।

तूफान का सबसे अधिक असर खटीमा-मझोला राष्ट्रीय राजमार्ग पर देखने को मिला, जहां सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर पड़े इससे पूरा मार्ग बाधित हो गया और यातायात पूरी तरह ठप हो गया सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

राष्ट्रीय राजमार्ग-73 (NH-73) पर स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है जगह-जगह गिरे पेड़ों और मलबे के कारण आवागमन पूरी तरह से रुक गया है स्थानीय लोगों के अनुसार, इस आपदा ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है और आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

तूफान ने केवल यातायात ही नहीं, बल्कि आवासीय क्षेत्रों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है कई कच्चे और पक्के मकानों की छतें उड़ गईं, जबकि कुछ घरों की दीवारें भी ढह गईं इस घटना से दर्जनों परिवार बेघर हो गए हैं और उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ा है।

तेज आंधी के चलते बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिरने से पूरे इलाके में अंधेरा छा गया है साथ ही, पेयजल व्यवस्था भी बाधित होने से लोगों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच चुके हैं और सड़क से पेड़ों को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है यातायात बहाल करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं, लेकिन हालात सामान्य होने में समय लग सकता है प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।

पीड़ित परिवारों ने सरकार और प्रशासन से त्वरित राहत और मुआवजे की मांग की है लोगों का कहना है कि जिन परिवारों के घर उजड़ गए हैं, उन्हें तुरंत पुनर्वास और सहायता प्रदान की जानी चाहिए ताकि वे दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।